दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करते नितिन गडकरी
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केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के वडोदरा-मुंबई खंड का निरीक्षण किया। इसी के साथ वडोदरा शहर के पास दुमद में एक सभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा भारत में सभी राजमार्ग 2024 तक विश्व मानकों के होंगे। साथ ही बोले कि पीएम मोदी की परिकल्पना के अनुसार भारत को पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए विश्वस्तरीय मानक की सड़कों की जरूरत है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी सूरत-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर डुमड जंक्शन पर 48 करोड़ रुपये की लागत से बने फ्लाईओवर, अंडरपास और सर्विस रोड का उद्घाटन करने आए थे। उन्होंने कहा कि आप देश में कहीं भी जाएं, आपको अच्छी गुणवत्ता वाले राष्ट्रीय राजमार्ग मिलेंगे। हमारा देश बदल रहा है। भारत को एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाना हमारे पीएम का सपना है जो अपने गरीब और जरूरतमंद नागरिकों की देखभाल करता है। उन्होंने बेहतर सड़कों की आवश्यकताओं पर भी जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने एक बार कहा था कि अमेरिका की सड़के इसलिए अच्छी नहीं हैं कि अमेरिका अमीर है बल्कि अमेरिका इसलिए अमीर है क्योंकि यहां की सड़कें अच्छी हैं। आगे कहा कि गुजरात में दो लाख करोड़ रुपये की राजमार्ग परियोजनाएं चल रही हैं। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि वर्ष 2024 समाप्त होने से पहले देश भर के राजमार्ग विश्वस्तरीय और अमेरिका जैसे बेहतर होंगे।
आगे लोगों को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि गुजरात में, वर्तमान में दो लाख करोड़ रुपये की राजमार्ग परियोजनाएं चल रही हैं। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि 2024 के अंत से पहले, देश भर के सभी राजमार्ग अमेरिकी सड़कों की तरह विश्व स्तर के होंगे और बताया कि गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में ओखा को बेत द्वारका द्वीप से जोड़ने वाला 'सिग्नेचर ब्रिज' पूरा होने वाला है और सितंबर में मनाई जाने वाली जन्माष्टमी से पहले प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन करेंगे।
गडकरी के मुताबिक, एक लाख करोड़ रुपये की लागत से बन रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का काम राजस्थान सीमा तक पूरा हो चुका है, जबकि मुंबई तक का बचा हुआ हिस्सा अगले छह महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे, अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे और राजस्थान में सांचौर और गुजरात में मेहसाणा के बीच काम चल रहा है।