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Nitin Gadkari: 'जिसे शक्ति, धन, ज्ञान और सुंदरता का अहंकार; वह किसी के काम नहीं आता', नितिन गडकरी का बडा बयान

Sat, 12 Jul 2025 10:25 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर

सार

नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने कहा कि मैं तीसरी बार सांसद चुना गया हूं। इस बार मैंने तय किया था कि न तो कोई पोस्टर-बैनर लगाऊंगा, न किसी को खाना खिलाऊंगा और न ही धर्म या जाति की राजनीति करूंगा। जिसको वोट देना है दे या फिर न दे। मैं अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करूंगा। 
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Nitin Gadkari - फोटो : PTI/Amar Ujala
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विस्तार
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नागपुर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कई अहम बातें कीं। उन्होंने शनिवार को कहा, 'सम्मान मांगा नहीं जाना चाहिए। इसे हासिल किया जाना चाहिए। अगर आप इसके लायक हैं, तो आपको यह मिलेगा। जिस व्यक्ति को शक्ति, धन, ज्ञान और सुंदरता का अहंकार होता है, वह किसी के काम नहीं आता। दुनिया का इतिहास देखिए, जिन लोगों को स्वीकार किया गया, उन्हें दूसरों पर कुछ थोपना नहीं पड़ा।'

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नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने कहा कि मैं तीसरी बार सांसद चुना गया हूं। इस बार मैंने तय किया था कि न तो कोई पोस्टर-बैनर लगाऊंगा, न किसी को खाना खिलाऊंगा और न ही धर्म या जाति की राजनीति करूंगा। जिसको वोट देना है दे या फिर न दे। मैं अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करूंगा। 

शिक्षा विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर जमकर हमला बोला
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने शिक्षा विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति हो या पदोन्नति, इसके लिए रिश्वत देनी पड़ती है। शिक्षा विभाग के अधिकारी क्या-क्या करते हैं, मुझे सब कुछ पता है। पहले पैसा मांगते हैं और जब पाप का घड़ा भर जाता है तो फिर वही अधिकारी जेल जाते हैं।
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'कुछ लोग अवसर को भी समस्या बना देते हैं'
गडकरी ने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि इतने भ्रष्टाचार के बीच सड़कें कैसे बन जाती हैं? तो मैं कहता हूं कि कुछ लोग समस्या को अवसर में बदलते हैं और कुछ लोग अवसर को भी समस्या बना देते हैं। 

'गधे को घोड़ा बना सकते हो या नहीं?'
इस दौरान नितिन गडकरी ने अफसरों को उनकी जिम्मेदारी भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जब तुम्हें नौकरी मिली है, तो ये तुम्हारी परीक्षा है। तुम गधे को घोड़ा बना सकते हो या नहीं? बताओ जरा। यह मत कहो कि यह तो गधा है, इसे सुधारा नहीं जा सकता। वो सुधर नही सकता, इसी वजह से तुम्हें बुलाया गया है।

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