गंगा के लिए प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद ओर से जारी अनशन आंदोलन की धारा को थामने के लिए गडकरी मंगलवार को तीन दिवसीय गंगा सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद की जान को देश व समाज के लिए बेहद कीमती बताया। साथ ही कहा कि सरकार उनका अनशन तुड़वाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी। यह कार्यक्रम गांधी पीस फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया है।
गडकरी ने सम्मेलन में शामिल गंगा प्रेमियों से अपील की कि वह स्वामी सानंद को गंगा की अविरलता व निर्मलता के लिए आश्वस्त करें। संसद के अगले सत्र में गंगा विधेयक सरकार पेश कर देगी। गडकरी ने कहा कि 15 दिनों में सरकार गंगा के पर्यावरणीय प्रवाह पर रिपोर्ट जारी कर देगी। विधेयक का प्रारूप आखिरी दौर में है। गंगा से जुड़े 10 में से 9 विभागों ने रिपोर्ट सौंप दी है। केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्रालय से भी जल्द रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। गंगा सम्मेलन में नितिन गडकरी ने विस्तार से अविरल व निर्मल गंगा के लिए चलाये जा रहे योजनाओं की जानकारी दी।
नितिन गडकरी ने बताया कि पर्यावरणीय प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए आइआइटी कॉन्सोडिमय की रिपोर्ट के आधार पर नदी में न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह सुनिश्चित करने का प्रयास चल रहा है। 15 दिन के अन्दर गंगा के ई-प्रवाह की रिपोर्ट जारी की जाएगी। इलाहाबाद के कुंभ से पहले इसे सुनिश्चित भी कर लिया जाएगा। नितिन गडकरी ने अपील की कि गंगा प्रेमी हरिद्वार जाकर स्वामी सानंद को सरकार के प्रयासों के बारे में आश्वास्त करें। सरकार अपने वायदे से पीछे नहीं हटेगी।
राजेंद्र सिंह करेंगे स्वामी सानंद से मुलाकात
सम्मेलन के समापन पर जल पुरुष राजेंद सिंह ने कहा कि गंगा प्रेमी और पर्यावरणविद सानंद की सेहत के प्रति चिंतित हैं। सानंद हरिद्वार में 89 दिन से वह आमरण अनशन बैठे हैं। सरकार की तरफ से नितिन गडकरी ने भी स्वामी सानंद के प्राण बचाने के लिए एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने बताया कि वह खुद स्वामी सानंद से मुलाकात कर उनसे अनशन तोड़ने की अपील करेंगे। दूसरी तरफ जल जन जोड़ो अभियान के संयोजक संजय सिंह ने सम्मेलन की रिपोर्ट पेश की। वहीं, संजय सिंह ने बताया कि अगले कुछ दिनों में गंगा प्रेमी व केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी स्वामी सानंद से मुलाकात कर उनसे अपील करेंगे कि वह अपना अनशन तोड़ दें।