पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने के लिए वाहन कंपनियां जल्द दोहरे इंजन वाली गाड़ियां बाजार में लाएंगी। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को बताया कि सभी वाहन निर्माताओं को फ्लेक्स इंजन वाली गाड़ियां उतारने का निर्देश जारी किया जा चुका है और इसे छह महीने के भीतर लागू करना होगा।
गडकरी ने कहा, बुधवार को ही मैंने फ्लेक्सी इंजन की एडवाइजरी पर हस्ताक्षर किए हैं और कंपनियों के पास इसे लागू करने के लिए छह महीने का समय है। सरकार वाहनों में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के लिए फ्लेक्सी इंजन वाली गाड़ियों पर जोर दे रही है। ऐसे वाहन एक से अधिक ईंधन पर चल सकते हैं। फ्लेक्स फ्यूल पेट्रोल और मेथनॉल या एथनॉल का मिश्रण होता है, जो कम प्रदूषण के साथ कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने में मददगार होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल्द ही चार पहिया वाहनों को 100 फीसदी एथनॉल पर चलाने का लक्ष्य है। तब हमें पेट्रोल की जरूरत नहीं होगी और वैकल्पिक ईंधन से हमारा लाखों करोड़ रुपया बचेगा। टीवीएस मोटर व बजाज ऑटो जैसी कंपनियों ने फ्लेक्स इंजन वाले दोपहिया और तिपहिया बनाने शुरू भी कर दिए हैं।
ओमिक्रॉन से प्रभावित होगी वाहन बिक्री 2023 तक ही सुधार के आसार : फाडा
ऑटोमोबाइल डीलर संगठन फाडा ने कोविड के नए वैरिएंट को वाहन उद्योग के लिए बड़ा जोखिम बताया है। फाडा के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ओमिक्रॉन के बढ़ते जोखिम से दुनियाभर में डर फैलने लगा है। पहले से चल रहे सेमीकंडक्टर संकट के बीच महामारी दोबारा बढ़ने का वाहन आपूर्ति पर बुरा असर पड़ेगा। इससे 2022 की पहली छमाही में वाहन कंपनियों का कारोबार, बिक्री और आपूर्ति बुरी तरह चरमरा सकती है।
हालांकि, दूसरी छमाही से सेमीकंडक्टर की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है, जिसके बाद मांग भी बढ़ेगी। अगर कोरोना पूरी तरह बीत जाए तो 2023 में वाहन उद्योग वापस पटरी पर आ सकता है और बिक्री दोबारा कोविड पूर्व स्तर पर पहुंच जाएगी।
दोपहिया बाजार पर बढ़ा संकट
गुलाटी ने कहा कि दोपहिया बाजार दबाव में है। ग्रामीण क्षेत्र की मांग घटने से दोपहिया वाहनों की बिक्री पिछले कुछ महीनों से लगातार घट रही है। अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है, तो दोपहिया वाहनों के बाजार पर और असर दिखेगा। गौरतलब है कि फाडा देशभर में 15 हजार डीलर व 26,500 डीलरशिप का प्रतिनिधित्व करती है।