ईरान दौरे का संस्मरण सुनाते हुए नितिन गडकरी ने हमास प्रमुख इस्माइल हानियाह के साथ मुलाकात का वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि ईरान की संसद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हमास प्रमुख के साथ हाथ मिलाया था। कुछ ही घंटे के बाद उन्हें ये खबर मिली कि हमास प्रमुख मारा गया। जानिए क्या है ये वाकया
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन के शपथग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी गए थे। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान इस यात्रा से जुड़ा रोमांचक वाकया साझा किया। बकौल गडकरी, वे कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और हाईप्रोफाइल लोगों के साथ ईरान की संसद में मौजूद थे। इसी समय उनकी मुलाकात हमास प्रमुख से हुई थी। उन्होंने बताया कि ईरान की संसद में 15-20 विदेशी मेहमान थे। वहां सबका औपचारिक स्वागत होने के बाद देश के चीफ जस्टिस और प्रधानमंत्री के साथ हमास के प्रमुख को भी तरजीह दी जा रही थी।
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गडकरी ने एक कार्यक्रम के दौरान हमास चीफ हानियाह से मिलने का ब्यौरा साझा करते हुए बताया कि कई देशों के प्रतिनिधि पेजेश्कियन के शपथ समारोह में आए थे। भारत से पीएम मोदी ने उन्हें भेजा था। सभी लोगों के साथ मुलाकात के दौरान उन्हें हमास चीफ के बारे में जिज्ञासा हुई तो हाथ मिलाने के बाद पता चला कि वह हमास प्रमुख हानियाह हैं।
इसलिए अचनाक चार बजे निकले थे गडकरी
गडकरी ने बताया कि शपथ समारोह के बाद तड़के चार बजे ईरान में तैनात राजदूत ने आकर उन्हें जगाया और कहा कि तत्काल निकलना होगा। कारण पूछने पर पता चला कि हानियाह की हत्या कर दी गई है। ये सुनना उनके लिए काफी चौंकाने वाला था। गडकरी ने कहा कि कार्यक्रम शाम पांच बजे के करीब संसद में था। एक फाइव स्टार होटल के छोटे से कमरे में कॉफी पीने के बाद उन्हें एक शख्स को देखकर ऐसा लगा कि वह राष्ट्र का प्रमुख नहीं है। बाद में पता लगा कि वह हमास का प्रमुख है।
गडकरी ने वहां की यात्रा का किस्सा सुनाते हुए कहा कि शपथ ग्रहण के दौरान हमास प्रमुख देश के चीफ जस्टिस और प्रधानमंत्री के साथ चल रहा था। सरकार ने उन्हें प्राथमिकता दी थी। हम अन्य देशों के मेहमानों के साथ पीछे चल रहे थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वे होटल वापस लौटे और खाना खाकर सो गए। चार बजे उन्हें राजदूत ने उठाकर कहा कि तत्काल यहां से निकलना होगा। पूछने पर हानियाह की हत्या की जानकारी मिली।
बदलते दौर में युद्ध की जटिलता पर क्या बोले नितिन गडकरी
बदलते दौर में युद्ध की जटिलता और तकनीक संबंधी चुनौतियों का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि कड़ी सुरक्षा में रहने के बावजूद किसी को इस बात का अंदाजा नहीं है कि हानियाह को मारने के लिए कहां से हमला किया गया। जिसे एक कमरे में छिपाकर रखा गया, वहां जाकर हत्या कर दी गई। ये घटना दिखाती है कि भविष्य की तरफ उन्मुख होकर जो तकनीक विकसित की जाए, आने वाले समय में वैसी ही तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।