फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीति आयोग रिपोर्ट: 'पश्चिम बंगाल ने सामाजिक-आर्थिक मोर्चे पर दिखाया शानदार प्रदर्शन', ममता बनर्जी हुईं गदगद

Mon, 14 Jul 2025 09:32 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पश्चिम बंगाल ने रोजगार समेत कई प्रमुख सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वहीं ममता बनर्जी ने इसे लेकर कहा, इन उपलब्धियों से स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल समावेशी और टिकाऊ विकास के लिए लगातार प्रयासरत है।
विज्ञापन
ममता बनर्जी, सीएम, पश्चिम बंगाल - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि नीति आयोग ने आधिकारिक रूप से यह मान्यता दी है कि बंगाल ने रोजगार समेत कई प्रमुख सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, 'यह बताते हुए खुशी हो रही है कि नीति आयोग ने पश्चिम बंगाल के मजबूत सामाजिक-आर्थिक प्रदर्शन को मान्यता दी है – विशेष रूप से रोजगार के क्षेत्र में। वर्ष 2022–23 में राज्य की वार्षिक बेरोजगारी दर केवल 2.2% रही, जो कि राष्ट्रीय औसत 3.2% से 30 प्रतिशत कम है।'
विज्ञापन

 
यह भी पढ़ें - Supreme Court Collegium: पांच हाईकोर्ट को मिले नए मुख्य न्यायाधीश, चार मुख्य न्यायाधीशों का तबादला भी किया गया

बंगाल की कई उपलब्धियां उजागर
नीति आयोग की हाल ही में जारी रिपोर्ट में बंगाल की कई अन्य उपलब्धियों को भी उजागर किया गया है। इसमें साक्षरता दर – पश्चिम बंगाल की साक्षरता दर 76.3% है, जो राष्ट्रीय औसत 73% (2011 के आंकड़ों के अनुसार) से बेहतर है। वहीं शिक्षा परिणाम – राज्य में स्कूल छोड़ने की दर कम है और 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं में पास प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक है। जबकि जीवन प्रत्याशा – बंगाल में औसतन जीवन प्रत्याशा 72.3 वर्ष (2020) है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। राज्य में लिंगानुपात – राज्य में प्रति 1000 पुरुष जन्मों पर 973 महिला जन्म, जबकि राष्ट्रीय औसत 889 है। वहीं शिशु मृत्यु दर – प्रति 1000 जीवित जन्मों पर केवल 19 मौतें (2020), राष्ट्रीय औसत से बेहतर। जबकि कुल प्रजनन दर (टीएफआरTFR) – 1.6 बच्चे प्रति महिला (2019-21), यह भी राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। इसके साथ ही पीने के पानी तक पहुंच – बंगाल में घरों तक पीने के पानी की पहुंच भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Railway: यात्रियों को आसानी से मिल सकेगा तत्काल टिकट,कल से आधार OTP होगा जरुरी; एजेंट्स को बाद में मिलेगा मौका
विज्ञापन


ममता बनर्जी ने कहा, 'इन उपलब्धियों से स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल समावेशी और टिकाऊ विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। यह सभी के सहयोग और प्रतिबद्धता का परिणाम है। मैं उन सभी को बधाई देती हूं जिन्होंने इसे संभव बनाया।'

नीति आयोग की आलोचक रही हैं सीएम ममता
हालांकि ममता बनर्जी नीति आयोग की आलोचक रही हैं और कई बार इसे समाप्त करने की मांग कर चुकी हैं। उन्होंने इसे केंद्र सरकार का एक बेकार मंच बताया है जो केवल सालाना बैठकें करता है। इस साल मई में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई थी, जिसमें ममता बनर्जी शामिल भी नहीं हुई थी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें