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Niti Aayog: 10 वर्षों में 8.1 अरब डॉलर के खेल उपकरणों का होगा निर्यात, 54 लाख नौकरियों के बढ़ेंगे अवसर

Fri, 27 Mar 2026 09:51 AM IST
Nitin Gautam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, खेल उत्पादों का निर्माण बढ़ने से अतिरिक्त 54 लाख नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे। 
 
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खेल उत्पाद निर्यात - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
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देश में खेल के प्रति जुनून व निर्माण इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते इससे जुड़े सामान का निर्यात अगले 10 वर्षों में 8.1 अरब डॉलर तक हो सकता है। इसके लिए एमएसएमई आधारित क्लस्टरों निर्माण होंगे। इससे 54 लाख अतिरिक्त नौकरियों के अवसर बन सकते हैं। इससे भारत उच्च-गुणवत्ता वाले खेल उपकरणों का विश्वसनीय वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित हो सकेगा।
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नीति आयोग ने रिपोर्ट में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए रोडमैप दिया है। इसके मुताबिक, प्रौद्योगिकी अपनाने, गुणवत्ता-परीक्षण, कच्चे माल ,उन्नत सामग्रियों में निवेश बढ़ाना होगा। मजबूत एंकर ब्रांड साझेदारियों, व्यापार नीति के जरिये बेहतर बाजार पहुंच, समन्वित ब्रांडिंग प्रयास से निर्यात लक्ष्य पाया जा सकता है।

2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा भारत
इसी साल इटली में शीतकालीन ओलंपिक, ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल व जापान में एशियाई खेल होंगे। अगले साल 2027 में मेघालय में राष्ट्रीय खेल, 2028 में लॉस ऐंजिल्स में ओलंपिक खेल व पैरा ओलंपिक खेल होंगे। 2030 में दोहा में एशियाई खेल होंगे। 2030 में अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल खेल व 2032 में ब्रिसबेन में ओलंपिक खेल होंगे। 2034 में रियाद एशियाई खेल की मेजबानी करेगा। वहीं, 2036 के ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत ने अहमदाबाद की दावेदारी पेश की है। इन वर्षों में इतने आयोजनों के चलते खेल सामान व उपकरणों की खासी मांग होगी। भारत अपनी तैयारी कर इसमें अहम भूमिका निभा सकता है।
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नौ राज्य बन सकते हैं मुहिम के वाहक 
इनमें गुजरात पहले नंबर पर, आंध्रप्रदेश दूसरे व तमिलनाडु तीसरे नंबर पर है। इसके बाद महाराष्ट्र, यूपी, ओडिशा, पंजाब, कर्नाटक व हरियाणा का नंबर आता है।


 
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