सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने देश में अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के अनुसार, ई-वीजा की वैधता को बढ़ाकर 10 साल करने के साथ ई-मेडिकल वीजा के सालाना दौरों में बढ़ोतरी की बात कही गई है।
अपनी रिपोर्ट ‘द स्ट्रैटजी फॉर न्यू इंडिया एट 75’ में नीति आयोग ने कहा है कि ई-वीजा सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद अभी भी पर्यटकों को वीजा आवेदन के लिए एक बोझिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशों में अपने दूतावासों के माध्यम से हमें एक प्रचार अभियान शुरू करके ई-वीजा को लेकर वैश्विक तौर पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
बैठकों, प्रोत्साहनों और बाजार सम्मेलनों (एमआईसीई) की ओर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए एक ई-वीजा व्यवस्था शुरू करने की भी आवश्यकता है। वहीं पर्यटकों को बार-बार बुलाने के लिए ई-वीजा की वैधता 10 साल बढ़ाई जा सकती है। वहीं फिलहाल ई-मेडिकल वीजा धारक जनवरी से दिसंबर के अपने एक साल की वीजा अवधि में अधिकतम तीन बार आ सकते हैं। इसको लेकर रिपोर्ट में सालाना प्रवेश की सीमा तीन बार से अधिक किए जाने का भी सुझाव दिया गया है।
ई-वीजा को लेकर ये हैं नियम :
मौजूदा समय में, भारत में पहुंचने के बाद ई-वीजा की अवधि 60 दिन है। वहीं ई-कांफ्रेंस वीजा के मामले में यह समय सीमा 30 दिन है। ई-टूरिस्ट वीजा और ई-बिजनेस वीजा पर दो बार प्रवेश की अनुमति है। ई-मेडिकल वीजा और ई-मेडिकल अटेंडेंट वीजा पर तीन बार प्रवेश की अनुमति है जबकि ई-कांफ्रेंस वीजा पर केवल एक बार प्रवेश को अनुमति है।