गरीबी और कुपोषण से जूझ रहे लोगों को सरकार आगामी खरीफ मौसम की कटाई के बाद कुछ विटामिन और खनीज पदार्थों से युक्त चावल -फोर्टिफाइड राइस- उपलब्ध कराएगी। इस तरह के चावल की उपलब्धता जन वितरण प्रणाली या राशन की दूकानों के मार्फत से होगी। शुरू में इसके तहत देश के 15 राज्यों के एक-एक जिले में इस तरह के चावलों की आपूति होगी। यदि इसका परिणाम सुखद रहा तो इसका विस्तार देश के अन्य इलाकों में भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने देश से कुपोषण दूर करने की योजना के तहत इसका खाका खींचा है। इस योजना को बीते 14 फरवरी को ही सरकार ने मंजूरी दे दी थी। अब इसे लागू करने के लिए कार्य योजना बना ली गई है।
मंत्री के मुताबिक गरीबों को विटामिन और खनिज युक्त चावल केवितरण के लिए 147.61 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गए हैं। इसे तीन वर्षों तक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाने की योजना है। उसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। पायलट योजना में जो खर्च आएगा उसका सामान्य राज्यों में 75 फीसदी हिस्सेदारी केंद्र की जबकि 25 फीसदी हिस्सेदारी राज्य की होगी।
पूर्वोत्तर के राज्यों में केंद्र की हिस्सेदारी 90 फीसदी की जबकि राज्यों की हिस्सेदारी 10 फीसदी की होगी। इस समय आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक्, केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु एवं असम ने इस तरह केचावल केवितरण की सहमति दी है।
उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र और मध्यान्ह भोजन योजना में कुछ स्थानों पर पहले से ही इस तरह के चावलों की आपूर्ति की जा रही है। अब एससी, एसटी छात्रावासों और कामकाजी महिलाओं के आवास में भी इस तरह केचावल की आपूर्ति होगी।