नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत ने कहा कि एलोपैथ और आयुर्वेद पर बहस करने से कोई फायदा नहीं है। दोनों ही अलग-अलग उपयोगी चिकित्सा प्रणाली हैं और दोनों के अपने-अपने फायदे हैं।
योग गुरु रामदेव और आईएमए के बीच एलोपैथ और आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली को लेकर लगातार जुबानी जंग जारी है। बाबा रामदेव जहां इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं वहीं आईएमए भी पत्र के जरिए पलटवार कर रहा है। वहीं अब इस मुद्दे पर नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत ने भी बड़ा बयान दे दिया है। उन्होंने कहा है कि एलोपैथ और आयुर्वेद पर बहस करने से कोई फायदा नहीं है। दोनों ही अलग-अलग उपयोगी चिकित्सा प्रणाली हैं और दोनों के अपने-अपने फायदे हैं।
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क्या है मामला
बता दें कि योग गुरु रामदेव ने हाल ही में एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति को लेकर उठाए थे। उनके एक बयान को लेकर विवाद बढ़ गया था। रामदेव ने अपने बयान में कहा था कि एलोपैथी एक स्टूपिड और दिवालिया साइंस है। बाबा के इस बयान पर आईएमए ने नाराजगी जताई थी। आईएमए ने रामदेव के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा पत्र भेजे जाने के बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था लेकिन वार-पलटवार का दौर अब भी जारी है। विवाद के बीच रामदेव ने भी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन व फार्मा कंपनियों से 25 सवाल पूछे थे।