नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने एक वीडियो कांफ्रेंस के दौरान कहा कि भारत में कुछ ज्यादा ही लोकतंत्र है, जिसके कारण यहां पर कड़े सुधारों को लागू करना काफी कठिन होता है।
वह एक कार्यक्रम को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र ने खनन, कोयला, कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को आगे बढ़ाया है। अब राज्यों को सुधारों को आगे के चरण को आगे बढ़ाना चाहिए। साथ ही उन्होंने राजनीतिक इच्छाशक्ति की भी बात कही।
चीन से मुकाबला करना आसान नहीं है। लेकिन इस सरकार ने कम से कम सुधारों के लिए अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया है। इसके लिए बहुत कठोर नेतृत्व वाले, जमीनी स्तर के दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसे भारत में पहली बार करने का प्रयास किया जा रहा है।
ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आत्मनिर्भर भारत पर भी बात की, अमिताभ ने कहा कि भारत को चीन से प्रतिस्पर्धा करने वाले एक विनिर्माण बिजलीघर बनाने के लिए सप्लाई और भंडार क्षेत्रों में अधिक काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने किसानो को लेकर भी बात कही। उन्होंने कहा कि कृषि में सुधार होना चाहिए। यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है, कोई यह नहीं कह रहा है कि हम मंडियों को दूर कर रहे हैं, मंडियां रहेंगी और एमएसपी रहेगा। मैं मानता हूं कि किसान के पास एक विकल्प होना चाहिए।
ट्विटर पर हो गए ट्रोल
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने भारत में लोकतंत्र के बयान के बाद, यह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होना शुरू हो गया। लोगों ने बयान को लेकर मीम्स भी बनाना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा, अमिताभ जी की लास्ट कांफ्रेंस...