ट्विटर पर महाजन ने राजीव कुमार को इंगित करते हुए कहा कि आप कैसे वॉलमार्ट को क्लीन चिट दे सकते हैं जबकि सरकार के पास मामला लंबित है और वह इस पर निर्णय लेगी। ट्विटर पर आगे आयोग के उपाध्यक्ष कुमार पर आरोप लगाते हुए महाजन ने कहा कि हम जानते हैं वालमार्ट के प्रति आपका प्रेम, लेकिन मौजूदा समय में आप नीति आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर हैं।
जवाब में कुमार ने कहा कि आप व्यापार में एफडीआई के मुद्दे पर सहमत हो सकते हैं या फिर असहमत, लेकिन आपने हमेशा मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई का विरोध किया है, ई-कॉमर्स में नहीं। इस प्रकरण पर महाजन ने बातचीत के दौरान कहा कि इस सौदे से छोटे-मझोले उद्यमों और छोटी दुकानों की मुश्किलें बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि आयोग के उपाध्यक्ष कुमार सरकार की नीति के प्रति सजग नहीं हैं और उन्हें देश के छोटे-मझोले व्यापारियों का कोई खयाल नहीं है। सौदे पर जब पूरी सरकार चुप है, तब भी उनका वालमार्ट से प्रेम साफ दिखाई दे रहा है।
पिछले दरवाजे से प्रवेश का आरोप
गौरतलब है कि वालमार्ट कारपोरेशन ने फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण की घोषणा की है, जो ई-कॉमर्स जगत का सबसे बड़ा सौदा है। भारतीय बाजार में उसका मुकाबला एक अन्य प्रमुख कंपनी ऐमजॉन से होगा। मंच ने आरोप लगाया है कि वालमार्ट देश के बाजार में पिछले दरवाजे से प्रवेश करने के लिए यहां के नियमों को चकमा दे रही है।