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Politics: निशिकांत दुबे और महुआ मोइत्रा में फिर बढ़ी तकरार, 'दुबई दीदी' कहकर उड़ाया मजाक

Fri, 27 Oct 2023 11:20 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Politics: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य निशिकांत दुबे और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी)  सांसद महुआ मोइत्रा के बीच तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। मोइत्रा ने एथिक्स कमेटी के चेयरमैन विनोद सोनकर को लिखे पत्र में दुबे की जगह 'दुबई' लिखा तो दुबे ने 'दुबई दीदी' कहकर उन पर तंज कसा। 
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Nishikant Dubey, Mahua Moitra - फोटो : Social Media
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य निशिकांत दुबे और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी)  सांसद महुआ मोइत्रा के बीच तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। मोइत्रा ने एथिक्स कमेटी के चेयरमैन विनोद सोनकर को लिखे पत्र में दुबे की जगह 'दुबई' लिखा तो दुबे ने 'दुबई दीदी' कहकर उन पर तंज कसा। 

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मोइत्रा ने शुक्रवार को एथिक्स कमेटी के चेयरमैन को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने पांच नवंबर के पाद जांच पैनल के समक्ष अपनी उपस्थिति को स्थगित करने की मांग की। मोइत्रा ने कहा कि पश्चिम  बंगाल में दुर्गा पूजा समारोह जारी रहने के कारण उनके निर्वाचन क्षेत्र में उनकी पहले की कुछ प्रतिबद्धताएं हैं। टीएमसी सांसद ने यह भी मांग की कि दर्शन हीरानंदी से भी आमना-सामना कराया जाए, जो 'सवाल के बदले पैसा' मामले में सरकारी गवाह बन गए हैं। मोइत्रा के सोनकर को लिखे पत्र के एक पैराग्राफ में दुबे का नाम गलती से दुबई लिखा गया था। 

वहीं, दुबे ने गलत तरीके से नाम को टाइप किए जाने पर तंज कसा और कहा, आरोपी सांसद को दुबई का इतना नशा है कि एथिक्स कमेटी के चेयरमैन को लिख पत्र में भी मेरा नाम बदलकर 'दुबई' कर दिया गया है। मेरा नाम बदलकर 'मोहतरमा' ने अपनी मानसिक स्थित का वर्णन कर दिया है। एक अन्य एक्स पोस्ट में दुबे ने कहा, दुबई दीदी ने कुछ लोगों का आमना-सामना कराने की बात कही। लोकसभा के नियमों के तहत, खासतौर पर कौल-शकधर किताब के पृष्ट 246 के तहत, गवाह को अदालत से सुरक्षा प्राप्त है..राष्ट्रीय सुरक्षा, भ्रष्टाचार के सवाल पर जवाब चाहिए। 

भाजपा सांसद ने एम एन कौल और एस एल शकधर की किताब 'प्रैक्टिस एंड प्रोसीजर ऑफ पार्लियामेंट' का हवाला दिया है। यह किताब लोकसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों का संकलन है। इसके मुताबिक, गवाह, याचिकाकर्ता और उनके वकील, जो किसी सदन या उसकी किसी समिति के समक्ष पेश होते हैं, उन्हें अनुच्छेद 105 (3) के तहत सदन या समिति में उनके द्वारा कही गई बातों के संबंध में मुकदमों और छेड़छाड़ से सुरक्षा मिलती है। 
 
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एथिक्स कमेटी के चेयरमैन को लिखे पत्र में मोइत्रा ने कहा कि वह पांच नवंबर, 2023 के बाद चुनी गई किसी भी तारीख पर समिति के समक्ष पेश होने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दर्शन हीरानंदानी को समिति के समक्ष पेश होना चाहिए और कथित तौर पर मुझे दिए गए उपहारों की एक विस्तृत सत्यापित सूची प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हीरानंदानी ने एक समाचार चैनल को दिए सार्वजनिक इंटरव्यू में समिति के समक्ष पेशे होने की इच्छा जताई है और कहा है कि उन्हें (मोइत्रा) उनसे आमना-सामना करने का मौका दिया जाना चाहिए। 
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