केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)
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देश में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के भयानक तेजी पकड़ने के बावजूद केंद्र सरकार की बड़े पैमाने पर लॉकडाउन लगाने की योजना नहीं है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास के साथ वर्चुअल बैठक में स्पष्ट किया कि सरकार बड़े पैमाने पर लॉकडाउन नहीं लगाने जा रही है और केवल स्थानीय कंटेंनमेंट के जरिये महामारी से निपटने की योजना है।
वित्त मंत्रालय ने ट्वीट में कहा, 'वित्त मंत्री ने महामारी की दूसरी लहर से निपटने के लिए भारत की तरफ से उठाए जा रहे कदमों का ब्योरा विश्व बैंक प्रमुख के साथ साझा किया। इनमें जांच-तलाश-उपचार-टीकाकरण और उचित कोविड-19 व्यवहार की पांच स्तंभ वाली योजना भी शामिल है।'
वित्त मंत्री ने कहा, 'दूसरी लहर के साथ भी हम पूरी तरह स्पष्ट हैं कि हम बड़े पैमाने पर लॉकडाउन नहीं करने जा रहे हैं। हम अर्थव्यवस्था को पूरी तरह अवरुद्ध नहीं करना चाहते। मरीजों का स्थानीय स्तर पर आइसोलेशन या घरों में लोगों को क्वारंटीन करने के तरीके हैं, जिनके जरिये संकट को संभाला जा सकता है। दूसरी लहर को संभाल लिया जाएगा। लॉकडाउन नहीं किया जाएगा।'
विश्व बैंक की तरफ से कहा गया कि मालपास और वित्त मंत्री ने बैंक और भारत के बीच साझेदारी की अहमियत पर बात की। इस दौरान केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में सिविल सेवा और वित्तीय क्षेत्र में किए गए सुधारों, जल संसाधन प्रबंधन और स्वास्थ्य पर चर्चा भी शामिल रही।
इस दौरान भारत की कोविड-19 के खिलाफ प्रतिक्रिया के साथ देश की बड़ी घरेलू टीका उत्पादन क्षमताओं पर भी बात की गई। मालपास मानते हैं कि भारत का कोविड-19 टीका निर्यात क्षेत्र और पूरे विश्व के लिए बेहद अहमियत है और उन्होंने विश्व बैंक समूह की तरफ से देश को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया है।