वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को राजस्व खुफिया निदेशालय के योगदान का सम्मान करते हुए डाक टिकट जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि यह डाक टिकट डीआरआई की विशिष्ट सेवाओं और गौरवशाली योगदान को रेखांकित करते हुए जारी किया गया है।
इस मौके पर सीतारमण ने अधिकारियों के बेहतरीन प्रदर्शन को लेकर डीआरआई को बधाई दी और कहा कि सर्वोच्च खुफिया एजेंसी देश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण को संरक्षित करने के साथ-साथ तस्करी का मुकाबला करने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाती है।
बता दें कि राजस्व खुफिया निदेशालय का गठन चार दिसंबर, 1957 को किया गया था, जो तस्करी के खतरे का मुकाबला करने के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड की एक शीर्ष खुफिया एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
स्थापना के बाद से अब तक डीआरआई ने खुद को प्रमुख खुफिया एजेंसी के रूप में स्थापित किया है। डीआरआई नकली भारतीय करेंसी नोट( एफआईसीएन), नशीले पदार्थों, सोना, हथियार और गोला-बारूद, वन्यजीव, सांस्कृतिक विरासत और वाणिज्यिक धोखाधड़ी से लेकर कई मामलों में अपने खुफिया इनपुट के साथ अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय एजेंसियों के विश्वास की कमान संभाल रही है।