प्रदेश प्रभारी आजाद के लखनऊ दौरे में नहीं शामिल हुए थे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री
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कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के प्रभारी गुलाम नबी आजाद के लखनऊ दौरे में शामिल नहीं होना प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री को भारी पड़ सकता है। खत्री के इस कदम से नाराज पार्टी हाईकमान ने उन्हें दिल्ली तलब कर लिया है। इन सबके बीच, खत्री को उनके पद से हटाने और नए प्रदेश अध्यक्ष के ऐलान की चर्चा जोरों पर है।
वैसे तो खत्री के अध्यक्ष पद से हटाने की चर्चा काफी दिन से चल रही है। मधुसूदन मिस्त्री को हटाकर आजाद को प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया। तीन दिन पहले आजाद लखनऊ गए, लेकिन खत्री उनके कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। लखनऊ से लौटने के बाद आजाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी व अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले और उन्हें दौरे की रिपोर्ट सौंपी।
लखनऊ दौरे की रिपोर्ट मिलने के बाद खत्री को दिल्ली तलब किया गया है। अब खत्री का बदलना जाना तय माना जा रहा है। पार्टी सूत्रोें के मुताबिक हाईकमान प्रदेश प्रभारी के बाद प्रदेश अध्यक्ष को बदलने और फिर विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर की जगह भी नया चेहरा लाने पर विचार कर रहा है।
दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी सूबे में ब्राह्मण, मस्लिम और दलितों के एक मंच पर लाना चाहते हैं। यूपी प्रभारी मुस्लिम को बना दिया गया है। अध्यक्ष ब्राह्मण और विधानसमंडल दल का नेता दलित को बनाने का खाका तैयार किया गया है।
अध्यक्ष के लिए प्रमोद तिवारी, राजेश मिश्रा, ललतेश त्रिपाठी और जतिन प्रासद का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। विधानमंडल दल के नेता के तौर पर विधायक गजराज सिंह का नाम फाइनल माना जा रहा है।
Published By Rahul Sankrityayan