निर्भया ज्योति ट्रस्ट ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों से महिलाओं के साथ अपराध करने वालों को टिकट न देनें की अपील की है। ट्रस्ट ने पार्टियों से बिना वोटबैंक की राजनीति किए साफ छवि वाले व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने की मांग की।
ट्रस्ट ने कहा, इससे न सिर्फ इमानदार नेता विधानसभा पहुंचेंगे बल्कि महिलाओं के प्रति सम्मान भी बढ़ेगा और उनके ऊपर को बुरी नजर से नहीं देखेगा।
हाथरस की बिटिया के परिवार का दुख बांटने पहुंच रहीं सभी पार्टियों से ट्रस्ट ने कहा कि वे गंभीरता से सोचें और किसी आपराधिक छवि वाले व्यक्ति को विधायक सांसद और मंत्री न बनने दें।
इसके लिए जरूरी है की ऐसे लोगों को टिकट न दिया जाए। दिल्ली में दिसंबर 2012 में सामूहिक दुष्कर्म के बाद जान गंवाने वाली बेटी के परिवार ने निर्भया ज्योति ट्रस्ट बनाया है।
30 फीसदी मामूली तो 20 गंभीर अपराधी लड़ते रहे चुनाव
एडीआर की हाल की एक रिपोर्ट के आंकड़े देखें तो बिहार में 2005 से अब तक हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हिस्सा लेने वाले कुल 10785 उम्मीदवारों में 3230 यानी 30 फीसदी के आपराधिक और 2204 यानी 20 फीसदी के खिलाफ गंभीर अपराध के मामले दर्ज रहे।
वहीं बिहार के कुल 820 सांसद और विधायकों में से 469 यानी 57 फीसदी के खिलाफ आपराधिक और 295 यानी 36 फीसदी पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।