महिला एवं बाल विकास मंत्रालय दुष्कर्म की शिकार आर्थिक रूप से कमजोर व अकेले रहने वाली पीड़िताओं को आर्थिक मदद देगा। इसके लिए देश भर में काम कर रहे 701 वन स्टॉप सेंटरों को 74 करोड़ रुपये निर्भया फंड से जारी किए गए है। इस पैसे को भोजन, आर्थिक और कानूनी सहायता के लिए खर्च किया जा सकेगा। देश में इस साल के अंत तक मंत्रालय की योजना इन केंद्रों को 701 से बढ़ाकर एक हजार से अधिक करने की है।
विभाग के सचिव राम मोहन मिश्रा ने बताया कि विदेश में वन स्टॉप सेंटर खोलने का प्रस्ताव मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय को दिया था, लिहाजा अब देश ही नहीं बल्कि विदेश में एनआरआई महिलाओं को भी हिंसा और उत्पीड़न की स्थिति में सहायता देने के लिए 9 देशों में 10 वन स्टॉप सेंटर खोले जाएंगे। जहां निजी और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा की शिकार महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
इन महिलाओं को एक ही छत के नीचे आपातकालीन, चिकित्सा, कानूनी सहायता, काउंसिलिंग और प्राथमिकी दर्ज कराने में मदद के साथ थोड़े समय के लिए आश्रय भी दिया जाएगा। इसके अलावा पीड़िता को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुफ्त अदालती कार्यवाही और पुलिस की सहायता भी मिलेगी। अभी आस्ट्रेलिया, बहरीन, कनाडा, कुवैत, ओमान, कतर, सिंगापुर, सऊदी अरब और यूएई में केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसमें सऊदी अरब में दो केंद्र बनाए जाएंगे। एक जद्दा और एक रियाद में होगा। इसके लिए विदेश मंत्रालय से अनुमति मिल चुकी है। सभी केंद्र भारतीय राजनयिक मिशन में होंगे।