2012 निर्भया दुष्कर्म मामले में एक दोषी अक्षय कुमार सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 17 नवंबर को सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच इसपर सुनवाई करेगी। कोर्ट ने इस मामले में चारों दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। अक्षय ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।
अक्षय ने अपने वकील के जरिए दाखिल याचिका में कहा है कि प्रदूषण के कारण वैसे ही लोगों की जिंदगी कम हो रही है फिर फांसी देने की क्या जरूरत है। इसके अलावा उसने अपनी याचिका में अहिंसा को लेकर गांधीजी के उद्धरणों का भी हवाला दिया है।
कोर्ट मामले के तीन अन्य दोषियों मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की पुनर्विचार याचिका बीते साल जुलाई में खारिज कर चुका है। गौरतलब है कि इन दरिंदों ने 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल छात्रा निर्भया से दुष्कर्म कर उसकी नृशंस हत्या कर दी थी।
डेथ वारंट पर निर्भया की मां की याचिका
बता दें कि निर्भया दुष्कर्म के चारों दोषियों को फांसी की सजा की हलचल के बीच शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में इनके डेथ वारंट पर बहस हुई थी। इसमें दोषियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई। निर्भया के दोषियों को जल्द फांसी की मांग वाली निर्भया की मां की याचिका पर ये सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एक दोषी की रिव्यू पिटीशन लंबित है उस पर फैसले का इंतजार करिए उसके बाद ही फैसला दिया जा सकता है।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को दोपहर दो बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी।