मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (MTCR) एक अंतर्राष्ट्रीय निर्यात नियंत्रण समझौता है जो ऐसी मिसाइल तकनीकी को एक दूसरे को देने से रोकता है जिसकी रेंज 300 किलोमीटर और उसके वारहेड ले जाने की क्षमता 500 किलोग्राम हो। इसे साल 1987 में जी-7 के सदस्य देशों द्वारा स्थापित किया गया था। भारत साल 2016 में इस क्लब का मेंबर बना। इसी वजह से भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का रेंज 300 किलोमीटर तक ही रखा गया।
यह कोई अंतरराष्ट्रीय कानून नहीं है बल्कि सदस्य देशों के बीच एक अनौपचारिक राजनीतिक समझ है जो मिसाइलों और मिसाइल प्रौद्योगिकी के प्रसार को सीमित करना चाहते हैं। यह किसी भी सदस्य देश के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है।
कैसे काम करती है निर्भय मिसाइल
निर्भय दो चऱण वाली, छह मीटर लंबी और 0.52 मीटर चौड़ी मिसाइल है। यह मिसाइल 0.6 से लेकर 0.7 मैक की गति से उड़ सकती है। इसका प्रक्षेपण वजन अधिकतम 1500 किलोग्राम है जो 1000 किलोमीटर तक मार कर सकती है। इसमें एडवांस सिस्टम लेबोरेटरी द्वारा विकसित ठोस रॉकेट मोटर बूस्टर का प्रयोग किया गया है जिससे मिसाइल को ईंधन मिलता है।
यह मिसाइल दो चरणों में उड़ान भरती है। पहली बार में यह पारंपरिक रॉकेट की तरह लबंवत आकाश में जाती है फिर दूसरे चरण में क्षैतिज उड़ान भरने के लिए 90 डिग्री का मोड़ लेती है। रडार से बचने के लिए यह मिसाइल धरती से मात्र कुछ मीटर की ऊंचाई से उड़कर दुश्मन के ठिकाने को नष्ट कर देती है।