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नीरव मोदी घोटाले में सरकार की कार्रवाई, छीनी PNB के दो कार्यकारी निदेशकों की कार्यकारी शक्ति

Tue, 15 May 2018 03:34 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नीरव मोदी घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो -सीबीआई- की चार्जशीट में नाम आने के बाद सरकार ने इलाहाबाद बैंक की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी -एमडी एंड सीईओ- उषा अनंतसुब्रमण्यम और पंजाब नेशनल बैंक -पीएनबी- के दो कार्यकारी निदेशकों के जी ब्रह्माजी राव और संजीव शरण की कार्यकारी शक्ति छीन ली है। उषा अनंत सुब्रमण्यम इलाहाबाद बैंक भेजे जाने से पहले पीएनबी में ही एमडी एवं सीईओ थी। 

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केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाओं के विभाग या बैंकिंग डिवीजन के सचिव राजीव कुमार ने सोमवार को यहां संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से दोनों बैंकों के निदेशकमंडल के इस बारे में औपचारिक पत्र जारी किया जा चुका है। 

सरकार ने कहा है कि इन अधिकारियों को उनकी कार्यकारी शक्तियों -एक्जीक्यूटिव पावर- से अलग कर दिया जाए। राजीव कुमार ने कहा कि चूंकि यह निर्णय लेने के लिए बैंक का निदेशकमंडल अधिकृत है इसलिए इस बारे में वहीं उचित निर्णय लिया जाएगा।  
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इस समय उषा अनंत सुब्रमण्यम इलाहाबाद बैंक की एमडी एवं सीईओ हैं जबकि के जी ब्रह्माजी राव और संजीव शरण पीएनबी में ईडी के पद पर हैं। चार्जशीट में नामित अधिकारियों के खिलाफ आरोपों का विवरण अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाया है। हालांकि, राजीव कुमार ने कहा कि प्रारंभिक मूल्यांकन में पता चलता है कि इन अधिकारियों से चूक हुई है। इसलिए उनसे एक सप्ताह पहले ही कारण बाताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। 

पहले भारतीय महिला बैंक की अध्यक्ष थी उषा 
पीएनबी में जुलाई 2011 से नवंबर 2013 के बीच कार्यकारी निदेशक के पद पर रह चुकीं उषा अनंतसब्रमण्यम को भारतीय महिला बैंक का पहला अध्यक्ष बनया गया था। बाद में उन्हें अगस्त 2015 में पीएनबी का मुखिया बना दिया गया जहां वह और मई 2017 तक रहीं। इसके बाद उन्हें इलाहाबाद बैंक भेज दिया गया।  

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