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धारा 370 पर बसपा समेत इन 12 दलों ने किया समर्थन, जबकि कांग्रेस समेत यह नौ दल कर रहे हैं विरोध

Tue, 06 Aug 2019 07:29 AM IST
Avdhesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दो नए केंद्र शासित प्रदेशों में बंटा जम्मू-कश्मीर - फोटो : Amar Ujala
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केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाकर सबको अचंभित कर दिया है। देशभर में कहीं खुशी तो कहीं विरोध भी शुरू हो गया है। वहीं इस फैसले पर राज्यसभा में भी काफी हंगामा हुआ। कई दिलों ने जहां इसका विरोध किया तो वहीं कई राजनीतिक दलों ने इसके लिए भाजपा को समर्थन भी दिया।
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संसद में बीजद, एआईएडीएमके, शिवसेना, बसपा, वाईएसआर कांग्रेस, अन्नाद्रमुक, आप समेत 12 दलों ने सरकार का समर्थन किया है। जबकि कांग्रेस, माकपा, राजद, सपा समेत 9 दलों ने विरोध किया। वहीं जेडीयू, टीएमसी ने वॉकआउट किया और एनसीपी के सांसद गैरहाजिर रहे। 

बहुजन समाज पार्टी ने भाजपा की धुर विरोधी होने के बाद भी इस फैसले का स्वागत किया। सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि हमारी पार्टी इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करती है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि वे इस निर्णय का समर्थन करते हैं। उम्मीद है इससे घाटी में शांति और विकास होगा।
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राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी ने कहा कि सरकार ने देश का सिर काट लिया। भाजपा ने एक राज्य का इतिहास ही खत्म कर दिया है। वह विरोध में धरने पर भी बैठ गए थे।
 
जेडीयू एक बार फिर एनडीए के खिलाफ एकला चलो की राह पर दिखाई दिया। बता दें कि बिहार में 17% मुस्लिम वोटर हैं और इन्हें जेडीयू का वोट बैंक कहा जाता है। ऐसे में पार्टी ने एनडीए में होने के बावजूद भी सदन से वॉकआउट किया।

टीएमसी ने मुस्लिम वोटबैंक जाने के डर से इस बिल का विरोध किया है। पश्चिम बंगाल में अगले साल चुनाव हैं। राज्य में 27% मुस्लिम आबादी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ओडिशा में चुनाव के दौरान भाजपा और बीजद में काफी संघर्ष देखने को मिला। और बीजद ने भाजपा को ओडिशा विधानसभा चुनावों में हराया। पार्टी सांसद प्रसन्न आचार्य ने कहा कि आज सही मायनों में घाटी देश का अंग बनी।

समाजवादी पार्टी ने भी इस फैसले का विरोध किया है। पार्टी को कहीं न कहीं मुस्लिम वोट बैंक खिसकने का डर है। यूपी में 19% मुस्लिम वोटर हैं। ऐसे में सपा ने अपने वोट बैंक को नाराज करने का जोखिम नहीं लिया।

शिवसेना ने सरकार के इस निर्णय का खुलकर समर्थन किया है। फैसले के बाद नेताओं ने मिठाई बांटी और ढ़ोल नगाड़ों से जश्न मनाया। महाराष्ट्र में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों में फायदा उठाना चाहती है।
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