नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले लिया है। वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बन गए हैं। नरेंद्र मोदी के साथ-साथ 71 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की है। यह संख्या अधिकतम स्वीकार्य संख्या 81 से नौ कम है। वहीं, वर्तमान संख्या मोदी कार्यकाल के अधिकतम संख्या 78 से छह कम है। अधिकतम संख्या 2021 के विस्तार के बाद हुई थी।
2024 में आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ कुल 72 सदस्यों ने शपथ ली। भाजपा नीत एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी सहित अधिकतम 31 कैबिनेट मंत्री हैं। इसके अलावा 36 राज्य मंत्री और पांच राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं।
मोदी सरकार 2.0 में 26 कैबिनेट मंत्री, तीन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 42 राज्य मंत्री सहित 71 मंत्री थे। जुलाई 2021 में मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद 30 कैबिनेट मंत्री, दो राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 45 राज्य मंत्री के साथ अधिकतम 78 मंत्री थे। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी के पास 46 मंत्री थे। इनमें 24 कैबिनेट मंत्री, 10 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 12 राज्य मंत्री शामिल थे। इसमें खुद प्रधानमंत्री भी शामिल थे।
मनमोहन सरकार का ऐसा कार्यकाल
वहीं, मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री सहित अधिकतम 79 मंत्री थे और यूपीए-1 में भी 79 मंत्रियों की अधिकतम संख्या को छुआ था। इसके अलावा, 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कुल 74 मंत्री थे।
इन 23 राज्यों के मंत्रियों को मिली जगह; कई राज्यसभा सदस्यों को भी मंत्री पद
इस बार, भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को लोकसभा चुनाव-2024 में कुल 293 सीटें मिली हैं। एनडीए के प्रमुख सहयोगियों में तेलुगू देशम पार्टी (TDP) और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी- जनता दल यूनाइटेड (JDU) में शामिल हैं। नए मंत्रिमंडल में यूपी, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, ओडिशा, बिहार, असम, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, अरुणाचल, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, उत्तराखंड, पंजाब, छत्तीसगढ़ और दिल्ली से चुने गए लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों को जगह दी गई है।