ग्रेटर नोएडा में 24 घंटे के अंदर नाइजीरियाई लोगों पर चार हमले के बाद केन्द्र और यूपी सरकार अलर्ट पर है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दखल के बाद पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं विदेश मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर ने नाइजीरिया के कार्यवाहक उच्चायुक्त से बात की और उन्हें नाइजीरियाई नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों से भी अवगत कराया है।
MJ Akbar spoke to Acting High Comsnr of Nigeria,apprised him of steps being taken by local authorities for safety of Nigerian nationals:MEA— ANI (@ANI_news) March 28, 2017
इससे पहले एनएसजी सोसायटी में रहने वाले छात्र की मौत के बाद नाइजीरियाई नागरिकों पर हमले को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है। सुषमा ने ट्वीट कर बताया है कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से ग्रेटर नोएडा में अफ्रीकी छात्रों पर हुए हमले के बारे में बात की है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
I have spoken to Yogi Adityanath ji Chief Minister of Uttar Pradesh about attack on African students in Greater Noida. /1
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) March 28, 2017
He has assured that there will be a fair and impartial investigation into this unfortunate incident. /2
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) March 28, 2017
5 people arrested in connection with the assault on Nigerian nationals in Greater Noida yesterday
— ANI UP (@ANINewsUP) March 28, 2017
दरअसल, ग्रेनो के एनएसजी सोसायटी में रहनेवाला मनीष शुक्रवार रात घर के सामने से गायब हो गया था। अगले दिन वह नशे की हालत में घर लौटा। खून की उल्टियां होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले पांच नाइजीरियाई युवकों पर अपहरण कर नशीले इंजेक्शन देने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया।
Nigerian nationals attacked in Greater Noida: Locals allege 19 yr old Manish had died after Nigerians forced him to inhale drugs pic.twitter.com/GixQKOg7Gr
— ANI UP (@ANINewsUP) March 28, 2017
इनलोगों की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को पूरे दिन लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान परी चौक से गुजर रहे दो नाइजीरिया निवासियों पर भीड़ ने हमला बोल दिया। जिसके बाद पुलिस को लाठी फटकार कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। हमले को मनीष की मौत के बाद स्थानीय लोगों में नाइजीरियाई छात्रों के खिलाफ गुस्से से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पुलिस ने मारपीट के कारण की पुष्टि नहीं की है।
मनीष की मौत में पांच नाईजीरियाई का नामजद होने के बाद ग्रेनो में रहने वाले अन्य नाइजीरिया के नागरिक दूतावास में मामले की शिकायत कर रहे हैं। वहीं, वह सोशल साइट पर भी यहां हो रही घटनाओं की जानकारी अन्य देशों में रह रहे नाईजीरियाई नागरिकों को दी जा रही है।