जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में उपायों को सुझाते हुए दुत्से ने कहा कि दुनिया को जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए सभी कार्यक्षेत्रों के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों जैसे सौर और पवन ऊर्जा को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के कारण सामने आने वाली समस्याओं से निपटने के लिए तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है।
असम की राजधानी गुवाहाटी में चल रही पहली जी20 बैठक में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में विकासशील देशों को बड़ी मात्रा में धन की जरूरत पर नाइजीरिया ने जोर दिया है। गुरुवार से शुरू हुई पहली सस्टेनेबल फाइनेंस वर्किंग ग्रुप मीटिंग' (एसएफडब्ल्यूजीएम) में सौ से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें स्थायी वित्तीय समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।
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जलवायु परिवर्तन से लड़ाई के लिए हर साल चार खरब डॉलर की जरूरत
बैठक के दौरान नाइजीरियाई सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए 'काफी धन' की जरूरत है। नाइजीरिया के वित्त मंत्रालय के सलाहकार महमूद इसा दुत्से ने यहां चल रही जी20 बैठक से इतर कहा कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए दुनिया को हर साल चार खरब डॉलर की जरूरत है।
उन्होंने आगे कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्याओं से लड़ने के लिए बहुत सारे पैसे की जरूरत होती है। अगर हम धन नहीं इकट्ठा कर सकते हैं, तो स्थिरता और जलवायु परिवर्तन का विरोध करने के बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें जीवाश्म ईंधन में कटौती करने के साथ ही हरित प्रौद्योगिकियों को बढ़ाने की आवश्यकता है। दुनिया भर में बढ़ रहे बाढ़ और मरुस्थलीकरण के मामलों का भी उन्होंने जिक्र किया। नाइजीरिया में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बारे में बताता हुए उन्होंने कहा कि इसमें लगभग 600 लोग मारे गए।
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जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में उपायों को सुझाते हुए दुत्से ने कहा कि दुनिया को जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए सभी कार्यक्षेत्रों के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों जैसे सौर और पवन ऊर्जा को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के कारण सामने आने वाली समस्याओं से निपटने के लिए तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। बता दें कि दुत्सी सऊदी अरब स्थित इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक के कार्यकारी निदेशक भी हैं।
असम में शुरू हुई पहली G20 बैठक
असम के गुवाहाटी में गुरुवार यानी आज से शुरू हुई सस्टेनेबल फाइनेंस वर्किंग ग्रुप मीटिंग में पहले दिन तीन सत्र हुए। इससे पहले कल वित्त मंत्रालय (एमओएफ) के सलाहकार गीतू जोशी ने इसके बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि इस बैठक में जी20 देशों, अतिथि देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों सहित 100 से अधिक प्रतिनिधि दो दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। एसएफडब्ल्यूजीएम के तीन मुख्य एजेंडे जलवायु वित्त के लिए समय पर और पर्याप्त संसाधन जुटाना, सतत विकास लक्ष्यों के लिए वित्त को सक्षम बनाना और सतत विकास के वित्तपोषण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र की क्षमता निर्माण करना है।