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मालेगांव धमाके: ओवैसी बोले- बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ NIA की अपील की संभावना कम, यह पीड़ितों से धोखा

Sat, 25 Apr 2026 12:21 AM IST
Nirmal Kant न्यूज डेस्क, हैदराबाद।

सार

एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 2006 के मालेगांव बम धमाके के मामले में चार आरोपियों को बरी करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एनआईए के सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना बहुत कम है, जो पीड़ितों के साथ धोखा है। ओवैसी ने इस मामले पर क्या कुछ कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
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असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि इस बात की संभावना बहुत कम है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) साल 2006 के मालेगांव विस्फोट मामले में चार आरोपियों को बरी करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करेगी। उन्होंने इसे पीड़ितों के साथ 'विश्वासघात' करार दिया। 
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख ओवैसी ने कहा, 'ये धमाके खासतौर पर एक समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर किए गए थे। लेकिन, शायद आदतन जांच एजेंसियों ने पहले नौ मुसलमानों को गिरफ्तार किया, जिन्हें आखिरकार 2016 में बरी कर दिया गया।' 

असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या कहा?
ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट लिखा। इसमें उन्होंने कहा, 'क्या एनआईए इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी? इसकी संभावना बहुत कम है। यह सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ धोखा है। यह एक और ऐसा आतंकी हमला होगा, जिसमें शायद दोषियों को सजा मिलती हुई नहीं दिखेगी।' उन्होंने कहा, 'भारत में मुसलमान होने का मतलब केवल न्याय का इंतजार करना है'।
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने चार आरोपियों को बरी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल को 2006 में मालेगांव में सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में चार आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने उनके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए, जिनमें आतंकवाद के आरोप भी शामिल थे।

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महाराष्ट्र के नासिक जिले में हुए थे सीरियल बम धमाके
आठ सितंबर 2006 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव शहर में चार बम धमाके हुए थे। इनमें से तीन धमाके हमीदिया मस्जिद और बड़ा कब्रिस्तान के पास शुक्रवार की नमाज के बाद हुए, जबकि चौथा धमाका मुशावरत चौक में हुआ। इन धमाकों में 31 लोगों की मौत हुई थी और 312 लोग घायल हुए थे।
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इस मामले की जांच में कई उतार-चढ़ाव आए। शुरुआत में जांच एजेंसियों ने कहा था कि साजिश मुस्लिम आरोपियों ने रची थी। लेकिन बाद में एनआईए ने अपनी जांच में आरोप लगाया कि इन धमाकों के पीछे दक्षिणपंथी चरमपंथी थे।


 
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