नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) पठानकोट आतंकी हमले और पिछले साल सांबा और कठुआ में हुए हमलों की समानता साबित करने के लिए पाक जांच दल के सामने अपनी जरूरतों को रखेगी।
साथ ही बुधवार को पठानकोट हमले में पाकिस्तान की जमीन से कार्रवाई को अंजाम देने वाले जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित सबूतों के तकनीकी पहलुओं पर भी बातचीत होगी। एनआईए महानिदेशक शरत कुमार ने कहा है कि वह बुधवार को एनआईए और जेआईटी की बैठक में अपना पक्ष साबित करने के लिए जरूरी सबूतों की मांग रखेंगे।
उधर, पाकिस्तान की संयुक्त जांच समिति (जेआईटी) भी पठानकोट दौरे के बाद अपनी जरूरतों की फेहरिस्त भारत के सामने रखेगी। एनआईए सूत्रों के मुताबिक बुधवार को दिन भर चलने वाली बैठक में एक दूसरे से मांगे जाने वाले सबूतों के रुख से ही पता चलेगा कि यह पूरी कवायद वाकई कितना फायदेमंद साबित होने जा रही है। फिलहाल हमले से संबंधित सबूतों के संबंध में पाकिस्तान ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।