NIA Action On HuT: प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब उत तहरीर की भारत विरोधी साजिश को रोकने के लिए एनआईए लगातार कड़े कदम उठा रही है। थंजावुर में संपत्ति जब्ती की यह कार्रवाई इसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
भारत में इस्लामिक खिलाफत की स्थापना की साजिश रचने वाले आतंकी संगठन हिज्ब उत तहरीर (एचयूटी) के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए ने इस केस में गिरफ्तार एक आरोपी बावा बहारुद्दीन उर्फ मन्नै बावा की संपत्ति को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई तमिलनाडु में हिज्ब उत तहरीर की साजिश से जुड़े एक मामले में की गई है। एजेंसी ने बताया कि यह साजिश भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने और देश में इस्लामिक शासन लागू करने के मकसद से रची गई थी।
कहां है जब्त की गई संपत्ति?
जब्त की गई संपत्ति थंजावुर जिले में स्थित है। जिसका पता 58H अशरथ औलिया, मंछूर थाय्क्कल, गांधीजी रोड, थंजावुर, जो कि वार्ड छह के सर्वे नंबर 2983 में आता है। यह जमीन थंजावुर ज्वाइंट-I सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (एसआरओ) के रिकॉर्ड में दर्ज है।
विज्ञापन
किसकी थी जमीन?
एनआईए के मुताबिक, यह जमीन हजरत सैम्स मंस्सूर पीर औलिया दरगाह ट्रस्ट बोर्ड के नाम पर है। लेकिन इस जमीन को बिना रजिस्ट्रेशन के बावा बहारुद्दीन को 'बेच' दिया गया था। अब यूएपीए एक्ट 1967 की धारा 25 के तहत इस संपत्ति को अटैच कर लिया गया है।
क्या है मामला?
एनआईए की जांच में सामने आया है कि हिज्ब उत तहरीर भारत में इस्लामिक खिलाफत लागू करने की साजिश में लगा था। इसके लिए तमिलनाडु में एक नेटवर्क तैयार किया जा रहा था। इस साजिश में बावा बहारुद्दीन की भूमिका अहम मानी जा रही है, जो पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एनआईए ने कहा कि आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल की गई या उससे जुड़ी किसी भी संपत्ति को जब्त किया जा सकता है। यह कदम आतंकियों की आर्थिक कमर तोड़ने और उनकी साजिशों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। जांच एजेंसी आगे भी इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और संपत्तियों पर कार्रवाई जारी रखेगी।