नंगल में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता विकास प्रभाकर की हत्या मामले की जांच एनआईए ने शुरू कर दी है। एनआईए ने पंजाब पुलिस से इनपुट मांगा है। साथ ही गिरफ्तार दो आरोपियों से पूछताछ करेगी। प्रभाकर की हत्या पाकिस्तान के इशारे पर हुई थी। इसकी पुर्तगाल बैठे विदेशी हैंडलर्स ने फंडिंग की थी। यह दावा पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने किया था।
पकड़े गए दोनों आरोपियों से पुलिस ने बड़े खुलासे किए थे। इस हत्या के पीछे पाकिस्तान के आईएसआई और आतंकी संगठनों का हाथ है। पाकिस्तान के इशारे पर विहिप नेता की हत्या हुई है।
देश में इस आतंकी संगठन के नेटवर्क के बाकी नेक्सस को जल्द तोड़ा जाएगा। इस हत्या को अंजाम देने में जो और लोग शामिल हैं, एनआईए अब उन्हें जल्द दबोचेगी। एनआईए के अधिकारी गिरफ्तार किए दोनों आरोपियों से पूछताछ करेंगे। इससे आतंकवादी मॉड्यूल की जड़ों तक जाने में मदद मिलेगी।
13 अप्रैल की शाम नंगल के रेलवे रोड पर स्थित वीएचपी नंगल मंडल के प्रधान विकास प्रभाकर उर्फ विकास बग्गा की दुकान पर दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। वारदात के समय एक हमलावर ने हेलमेट पहना था और दूसरे ने मफलर से मुंह ढका था। पुलिस ने आरोपी मनदीप कुमार उर्फ मंगी और सुरिंदर कुमार उर्फ रिक्का को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीमों ने आरोपियों के पास से .32 बोर के दो पिस्टल जिसमें से एक अपराध में इस्तेमाल किया गया था, समेत 16 कारतूस और एक खाली कारतूस बरामद किए थे।
दबोचे गए शूटर विदेशी हैंडलरों के प्यादे
इस हत्या की पुर्तगाल बैठे विदेशी हैंडलर्स ने फंडिंग की थी। पाकिस्तान के आतंकी संगठन और आईएसआई की मदद से यह हत्या करवाई गई है। दबोचे गए शूटर मनदीप और सुरिंदर विदेशी हैंडलरों के प्यादे हैं, जो पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मास्टर माइंड के संचालक हैं। ये प्यादे पैसों का लालच देकर गिरोह में शामिल किए गए थे। दोनों शूटर एन्क्रिप्टेड एप्स से विदेश आधारित हैंडलरों के संपर्क में थे। इस कत्ल को अंजाम देने के लिए फंड और हथियारों का प्रबंध करने के अलावा व्यक्ति, जिसको टारगेट करना था, उसकी जगह और फोटो भी उनके साथ साझी की गई थी।