एनआईए ने आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर के शीर्ष आतंकी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। उस पर प्रतिबंधित आतंकी समूह की हिंसक विचारधारा को बढ़ावा देने और युवाओं को भड़काने का आरोप लगाया है। एनआईए ने चेन्नई के पूनमल्ली में एनआईए की विशेष अदालत में भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के विभिन्न प्रावधानों के तहत फैजुल हुसैन के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर के तमिलनाडु प्रमुख फैजुल हुसैन के खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून (यूएपीए) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया। उस पर देश के खिलाफ हिंसक विचारधारा फैलाने और युवाओं को भड़काने का आरोप लगा है। चेन्नई के पूनमल्ली स्थित विशेष एनआईए अदालत में उसके खिलाफ आईपीसी और यूएपीए कानून की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। हुसैन इस मामले में आरोपित होने वाला सातवां आरोपी है।
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एजेंसी के अनुसार, हुसैन तमिलनाडु में संगठन का नकीब (प्रमुख) था। उसे पिछले साल 8 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। उस पर मुस्लिम युवाओं में कट्टरता फैलाने और भारत में इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने के एजेंडे को बढ़ावा देने का आरोप है। एनआईए जांच में पता चला कि हुसैन और उसके साथी चेन्नई के रॉयपेट्टा इलाके में मॉडर्न एसेंशियल एजुकेशन ट्रस्ट (मीट हॉल) के नाम से किराए के परिसर में गुप्त बैठकें करते थे। बैठकों के जरिये वे सोशल मीडिया पर उग्रवादी सामग्री वितरित करते थे और सांप्रदायिक विद्वेष फैलाते थे।
एनआईए ने कहा कि हुसैन देशविरोधी विचारधारा को बढ़ावा देकर युवाओं को अलगाववादी गतिविधियों के लिए उकसा रहा था। यह मामला पहले राज्य पुलिस के पास था। जुलाई 2024 में मामले की जांच एनआईए ने अपने हाथ में ली थी। हुसैन इस मामले में सातवां आरोपी है। एजेंसी ने बताया कि केस में अब तक कई डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं, जिनमें आतंकी एजेंडे से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।