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एनआईए: श्रीनगर में पाकिस्तानी आतंकियों को पनाह देने के लिए इस्तेमाल प्रॉपर्टी जब्त, कौन है मीर उर्फ 'मामा गस'?

Mon, 12 Oct 2026 03:56 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला

सार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने श्रीनगर में आतंकियों को पनाह देने वाले एक व्यक्ति की संपत्ति जब्त की है। जांच में इस प्रॉपर्टी और आतंकवादी साजिश के बीच सीधा संबंध पाया गया है।
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NIA - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने केस संख्या RC-02/2026/NIA/JMU के तहत श्रीनगर के हजरतबल इलाके के दनिहामा गांव में खसरा नंबर 315 पर मौजूद एक रिहायशी प्रॉपर्टी को ज़ब्त किया है। यह प्रॉपर्टी आरोपी गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ 'मामा गस' की है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' (एलईटी), जो पाकिस्तान का एक आतंकी संगठन है, उससे जुड़ी सीमा-पार आतंकवादी साजिश से संबंधित है। 
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आतंकी साजिश का मिला संबंध
एनआईए के डीजी से जरूरी मंज़ूरी लेने के बाद, यूए (पी) एक्ट, 1967 की धारा 25 के तहत यह प्रॉपर्टी जब्त की गई है। जांच में इस प्रॉपर्टी और आतंकवादी साजिश के बीच सीधा संबंध पाया गया है, क्योंकि इस जगह का इस्तेमाल कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकवादियों को पनाह देने और आतंकी नेटवर्क से जुड़े आपत्तिजनक सामान को छिपाने के लिए किया गया था। यह मामला मूल रूप से 31 मार्च को जकूरा पुलिस स्टेशन, श्रीनगर में एफआईआर नंबर 24/2026 के तौर पर दर्ज किया गया था। 

जांच में क्या मिला?
एनआईए ने इसे अपने हाथ में लेकर फिर से दर्ज किया। जांच में स्थानीय 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (ओजीडब्लू) के एक नेटवर्क का पता चला है, जो कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित एलईटी हैंडलर्स के साथ मिलकर काम कर रहे थे। ये लोग सरकारी प्रतिष्ठानों, सुरक्षा बलों और नागरिकों पर हमले करने के लिए पाकिस्तानी आतंकवादियों की घुसपैठ, आवाजाही, पनाह और लॉजिस्टिकल मदद की सुविधा मुहैया कराते थे। 6 अप्रैल को श्रीनगर के हजरतबल इलाके के दनिहामा में गुलाम मोहम्मद मीर के घर पर तलाशी के दौरान, दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी मिले, जिनकी पहचान अबू हुरैरा और खुबैब के तौर पर हुई है। ये दोनों कथित तौर पर एलईटी से जुड़े थे।
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उस जगह से विस्फोटक जैसा पदार्थ, डिजिटल डिवाइस और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद और जब्त किया गया। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने जान-बूझकर अपने घर को आतंकवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल करने दिया था। अपनी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल उनकी गतिविधियों में मदद के लिए करने दिया था। पूरे आतंकी-समर्थन नेटवर्क की पहचान करने और उसका पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है। इसमें अन्य ओजीडब्लू, मदद करने वाले और पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े लोग शामिल हैं।
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