राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) में सेवारत रहते हुए पठानकोट वायुसेना केंद्र पर 2016 में हुए आतंकवादी हमले की जांच का नेतृत्व करने वाले सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार सिंह का निधन हो गया। वह 61 वर्ष के थे। मध्यप्रदेश कैडर के 1987 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी सिंह का निधन शुक्रवार को गुड़गांव के एक अस्पताल में हुआ।
एनआईए में संजीव कुमार सिंह के पूर्व सहयोगी और असम के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) जी पी सिंह ने उनके निधन की जानकारी देते हुए ट्वीट किया। जी पी सिंह ने लिखा, 'दुखद दिन। हमने 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार सिंह को आज डेंगू के कारण खो दिया। वह एनआईए में मेरे वरिष्ठ थे। वह हमेशा यादों में रहेंगे। उनकी आत्मा को शांति मिले।'
एनआईए ने भी उनके निधन पर श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'एनआईए आईपीएस संजीव कुमार सिंह के दुखद और असमय निधन पर शोक संवेदना प्रकट करती है। श्री सिंह ने सात साल तक एनआईए में सेवाएं दीं और पेशेवर कार्यशैली, ईमानदारी और प्रतिबद्धता की भावना के साथ डटे रहे। उनकी आत्मा को शांति मिले।'
संजीव कुमार सिंह फरवरी में ही सेवानिवृत्त हुए थे। अंत में वह सीमा सुरक्षा बल में कोलकाता में एडीजी (पूर्वी कमान) के रूप में पदस्थ थे। दिवंगत अधिकारी ने 2016 में पंजाब के पठानकोट में भारतीय वायुसेना के केंद्र पर आतंकवादी हमले के मामले में एनआईए जांच की अगुवाई की थी और उस साल मार्च में पाकिस्तानी अधिकारियों के एक संयुक्त जांच दल को वायु सेना केंद्र का दौरा कराया था।
संजीव सिंह सेहत को लेकर बहुत जागरुक थे और 14 जून 2018 को अंतिम ट्विटर पोस्ट में उन्होंने एक वीडियो डाला था जिसमें उन्हें आईपीएस अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिटनेस चुनौती के तहत व्यायाम करते हुए देखा जा सकता है।
उन्होंने एनआईए में प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद मध्यप्रदेश में एडीजी (नक्सल रोधी अभियान) के रूप में सेवाएं दी थीं। आईपीएस संघ, मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और बीएसएफ ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडलों पर सिंह के निधन पर शोक-संवेदना प्रकट की हैं।