NIA के पहली प्राथमिकी में 11 जुलाई को फुलवारी शरीफ इलाके में जमा हुए कुछ संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा को बाधित करने की योजना का उल्लेख है। दूसरे में भारत विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए मारगुब अहमद दानिश उर्फ ताहिर को पकड़ने का उल्लेख है।
पिछले साल बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में तोड़फोड़ और उनकी हत्या की साजिश रचने और फुलवारी शरीफ मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को तीन राज्यों में 25 ठिकानों पर छापे मारे। ये छापे कर्नाटक, केरल और बिहार में मारे गए। एनआईए देश में पीएफआई की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए खाड़ी देशों से आने वाले पैसे से जुड़े लिंक भी तलाश रही है। एनआईए के अधिकारियों को मौजूदा छापे के दौरान करोड़ों रुपये के लेन-देन के कई डिजिटल सबूत और दस्तावेज मिले हैं।
विज्ञापन
बिहार में पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष के घर की तलाशी
बिहार के कटिहार में प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष महबूब नदवी के घर तलाशी ली गई। बुधवार सुबह करीब छह बजे एनआइए की टीम हसनगंज पहुंची। करीब ढाई घंटे तक महबूब नदवी के घर की तलाशी ली गई।
#WATCH | Visuals from Bihar's Katihar as NIA raids are underway at about 25 locations in Karnataka, Kerala and Bihar in connection with the Popular Front of India Phulwarisharif case pic.twitter.com/2y6XfO0ZlZ
क्या है पूरा मामला
विज्ञापन
जुलाई 2022 में पटना के फुलवारी शरीफ में पुलिस के छापे में पीएफआई से जुड़े कुछ लोग पकड़े गए थे। छापे में इंडिया 2047 नाम से सात पेज मिले थे। इनमें अगले 25 साल में भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाने की साजिश थी। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुस्लिम युवाओं को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। उस समय गिरफ्तार छह लोगों से पूछताछ में पता चला था कि 12 जुलाई को पटना आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वे हमला करना चाहते थे। एनआईए ने पिछले साल बिहार के फुलवारी शरीफ आतंकी मॉड्यूल मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थी। पहली एफआईआर 26 संदिग्धों के खिलाफ दर्ज की गई है। जबकि दूसरे में एक का नाम लिया गया है।