संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा स्थित भारतीय दूतावास पर हुए हमलों के मामलों में भारत को बढ़त मिली है। भारत ने हमलों में शामिल 43 संदिग्धों की पहचान की है। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इन संदिग्धों की पहचान क्राउडसोर्सिंग के माध्यम से की गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय के आदेश के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भारतीय राजनयिक मिशनों पर हमलों के मामले को अपने हाथों में ले लिया था। हमलों के सभी 43 संदिग्धों की पहचान भी एनआईए ने ही किया है। पहचान के लिए एनआईए ने अलग-अलग 50 जगह छापेमारी की और करीब 80 लोगों से पूछताछ की है।
आतंकवाद के खिलाफ एनआईए की कार्रवाई में 94% रही सजा की दर
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने वर्ष 2023 में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करते हुए 68 मामले दर्ज करके 1000 से अधिक छापे मारे। साथ ही देशभर में 625 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि 74 आरोपियों की दोषसिद्धि के साथ 94.70 प्रतिशत सजा की दर भी एक उपलब्धि रही।
अधिकारी ने बताया कि ओटावा और लंदन स्थित भारतीय उच्चायोगों और सैन फ्रांसिस्को में महावाणिज्य दूतावास पर हमलों के सिलसिले में मारे गए छापे भी जांच एजेंसी के लिए बड़ी सफलता रहे। इसमें आपराधिक अतिक्रमण, बर्बरता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के प्रयासों को 43 संदिग्धों की पहचान की गई। भारतीय मिशनों पर हमलों के पीछे की साजिश को उजागर करने के प्रयासों के तहत 50 छापे और तलाशी ली गई। अधिकारी ने यह भी कहा कि अर्श डल्ला और रिंदा समेत देश के पांच पांच मोस्ट वांटेड को व्यक्तिगत आतंकवादियों के तौर पर सूचीबद्ध किया गया। इसके अलावा जांच एजेंसी के प्रस्ताव पर ही केंद्र ने 2023 में चार आतंकवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाया।