राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुजरात के ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाने के मामले में आरोपी फैजान के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी के अनुसार, आरोपी के प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अल-कायदा से कथित संबंध थे तथा वह पाकिस्तान स्थित एक ऑपरेटिव के संपर्क में था। उस पर युवाओं को ऑनलाइन कट्टरपंथी बनाने, टारगेटेड किलिंग की साजिश रचने, अवैध हथियार जुटाने और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप हैं। मामले में अन्य आरोपियों और ऑनलाइन हैंडलर की तलाश जारी है।
आरोपी पर किन धाराओं के तहत आरोप लगाए गए?
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अहमदाबाद स्थित NIA की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में आरोपी फैजान के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
जांच में पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर क्या सामने आया?
NIA के मुताबिक, जांच में पता चला है कि आरोपी भारत से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग करने की साजिश में शामिल था। एजेंसी का दावा है कि वह इस साजिश को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑपरेटिव के संपर्क में था और उसके निर्देशों पर काम कर रहा था। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पर भारत के खिलाफ अशांति और असंतोष फैलाने के उद्देश्य से सांप्रदायिक तनाव भड़काने तथा चुनिंदा लोगों की हत्या (टारगेटेड किलिंग) की योजना बनाने का भी आरोप है।
हथियार और कारतूस कहां से हासिल किए गए थे?
NIA का कहना है कि फैजान ने इस कथित साजिश को अंजाम देने के लिए उत्तर प्रदेश से अवैध तरीके से एक हथियार और छह जिंदा कारतूस हासिल किए थे। जांच के दौरान एजेंसी ने हथियार भी बरामद कर लिया।
यह मामला NIA तक कैसे पहुंचा?
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने बताया कि उसने इस वर्ष मार्च में गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) से यह मामला अपने हाथ में लिया था। प्रारंभिक जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर गुजरात ATS ने फैजान की गिरफ्तारी के बाद सबसे पहले इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाने के लिए आरोपी क्या करता था?
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने ऑनलाइन हैंडलर के निर्देशों पर काम करते हुए कमजोर और संवेदनशील युवाओं को हिंसक जिहाद तथा सशस्त्र विद्रोह के लिए कथित रूप से कट्टरपंथी बनाने और उकसाने की कोशिश कर रहा था। एजेंसी का दावा है कि उसका उद्देश्य भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा देना था।
सोशल मीडिया पर क्या गतिविधियां मिलीं?
NIA के अनुसार, आरोपी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर हिंसा को दर्शाने वाले आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किए थे। एजेंसी का कहना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने के लिए किया जा रहा था। जांचकर्ताओं ने आरोपी के डिजिटल उपकरणों की जांच के दौरान कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद कीं। एजेंसी का कहना है कि इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।
ये भी पढ़ें:
घर-गाड़ियां सब डूबे, स्कूल भी बंद: बारिश से गुजरात में बाढ़ जैसे हालात; मौत के मुंह से 1200 लोगों का रेस्क्यू
क्या जांच अभी भी जारी है?
NIA ने बताया कि इस कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों, विशेषकर आरोपी के ऑनलाइन हैंडलर और उससे जुड़े नेटवर्क की पहचान के लिए जांच अभी भी जारी है। एजेंसी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।