राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को खालिस्तानी समर्थक संगठनों और पाकिस्तान स्थित साजिशकर्ताओं के साथ संबंध रखने वाले 12 आरोपियों के खिलाफ अपना पहला आरोप पत्र दायर किया। इससे पहले एनआईए की एक टीम पंजाब पहुंची और उसने पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। सूत्रों ने बताया कि खालिस्तान समर्थक और 'वारिस पंजाब दे' का प्रमुख अमृतपाल सिंह पुलिस से बच रहा है, ऐसे में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मामले को अपने हाथ में ले सकती है।
अब तक क्या-क्या हुआ?
भारत में वारिस पंजाब दे संगठन के जत्थेदार और खालिस्तानी अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। इसी कार्रवाई से खालिस्तान समर्थक तमतमाए हुए हैं। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों में खालिस्तानी समर्थकों ने भारतीय दूतावासों पर हमला किया। लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग में प्रदर्शन के दौरान खालिस्तानी समर्थकों ने तिरंगे का अपमान करने की कोशिश की। तोड़फोड़ भी की। इसी तरह अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को में भी भारतीय दूतावास पर खालिस्तानियों ने हमला किया। वहीं भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ब्रिटेन के शीर्ष राजनयिक और अमेरिका के राजदूत को तलब कर अपना विरोध जताया।
यह भी पढ़ें:
Indian Sikhs: भारतीय कॉन्स्युलेट और उच्चायोग पर हमले से भड़के अमेरिका में रहने वाले सिख, जानें क्या बोले?
'पाकिस्तान से चल रहा खालिस्तान आंदोलन'
वहीं केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने दावा किया कि ये पूरा खालिस्तानी आंदोलन पाकिस्तान से चल रहा है। उन्होंने भारतीय दूतावासों पर हमले को लेकर कहा, 'ऐसा केवल अमेरिका में ही नहीं बल्कि ब्रिटेन में भी हुआ है जब कुछ खालिस्तान समर्थकों ने हमारे देश के झंडे पर हमला किया। अमृतपाल की पूरी चेन को आईएसआई कंट्रोल कर रही है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई आज से नहीं बल्कि पिछले कई सालों से खालिस्तानी आतंकियों को बढ़ा रही है।'
सिंह ने आगे कहा, 'खालिस्तानियों के सिख नेता पाकिस्तान में रहते हैं और आईएसआई कुछ युवाओं को गुमराह करती रहती है। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे दूतावास की सुरक्षा में सुधार किया जाना चाहिए और ऐसे आतंकवादी संगठनों को दूसरे देशों में शरण नहीं दी जानी चाहिए।'