आईएसकेपी आतंकी संगठन आईएसआईएस का ही एक संगठन है। आईएसकेपी अफगानिस्तान के खुरासान प्रांत में सक्रिय है। संगठन क्षेत्र में आतंक और हिंसा को बढ़ावा देने की साजिश रचता है। आरोपियों की पहचान उबैद नासिर मीर, हनान हयात शॉल, मोहम्मद, हाजिम शाह सुमेरा बानू और जुबैर के रूप में हुई है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआई) ने इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। आरोप पत्र से प्रतिबंधित अफगान आतंकवादी संगठन द्वारा आतंक और हिंसक कृत्यों को अंजाम देने की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है।
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एनआईए के आरोप पत्र में हुआ खुलासा
एनआईए के अनुसार, आईएसकेपी आतंकी संगठन आईएसआईएस का ही एक संगठन है। आईएसकेपी अफगानिस्तान के खुरासान प्रांत में सक्रिय है। संगठन क्षेत्र में आतंक और हिंसा को बढ़ावा देने की साजिश रचता है। आरोपियों की पहचान उबैद नासिर मीर, हनान हयात शॉल, मोहम्मद, हाजिम शाह सुमेरा बानू और जुबैर के रूप में हुई है। आरोपी गुजरात के पोरबंदर से अवैध रूप से ईरान के रास्ते अफगानिस्तान जाने की योजना बना रहे थे। लेकिन मुखबिरों के माध्यम से एटीएस गुजरात ने उन्हें देश छोड़ने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान सामने आया कि पांचों आईएसकेपी के साथ सक्रिय हैं। आरोपी संगठन के लिए मुस्लिम युवाओं की भर्ती करने सहित अन्य गतिविधियों में शामिल थे।
युवाओं को चरमपंथ से जोड़ने का काम भी करते थे
आरोप पत्र से सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर न सिर्फ आईएसकेपी के एजेंडे और विचारधारा का प्रचार करते थे बल्कि कमजोर मुस्लिम युवाओं को आईएसकेपी की चरमपंथी विचारधारा के लिए प्रेरित करते थे। आरोपी साथ ही आंतकवादियों के लिए धन भी इकट्ठा करते थे। मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं, आशंका है कि दोनों प्रमुख संचालक हैं। गृह मंत्रालय ने 28 जून 2023 को मामला एनआईए को स्थानांतरित कर दिया था। एटीएस अहमदाबाद द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर एनआईए ने भी मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है।