एनआईए ने शनिवार को तमिलनाडु में हिंसक जिहाद छेड़ने की साजिश रच रहे 10 आतंकियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी आतंकी ‘शहादत ही हमारा लक्ष्य’ संगठन के सदस्य हैं। इन सभी के खिलाफ चेन्नई में विशेष एनआईए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडु के तंजौर जिले के शेख दाऊद (33), रामनाथपुरम जिले के मोहम्मद रिफास (37), मुपारिश अहमद (23), अबूपाककर सितिक (24) व हमीद अफसर (23), कुडलोर जिले के मोहम्मद राशिद (25), सलेम जिले के लियाकत अली (30), तिरुवर जिले के अहमद इम्तियाज (31), साजिथ अहमद (23) और रिजवान मोहम्मद (26) के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इन सभी को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अलावा गैरकानूनी गतिविधि निवारक अधिनियम (यूएपीए) और आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।
एनआईए प्रवक्ता के मुताबिक, अप्रैल 2018 में कीलकराज से मोहम्मद रिफास, मुपारिश अहमद और अबूपाककर सितिक की गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इसके बाद जांच के दौरान शहादत ही हमारा लक्ष्य आतंकी संगठन के आतंकियों से तलवार समेत कई तरह के घातक हथियार और भड़काऊ संदेश वाले पंफलेट बरामद किए गए थे। प्रवक्ता ने कहा, आरोप पत्र में इन सभी को हिंसक जिहादी विचारधारा से पीड़ित बताया गया है।
इस आतंकी गिरोह के मास्टरमाइंड दाऊद और रिफास हैं, जिन्होंने बाकी आरोपियों के साथ मिलकर 2017 के रमजान से तमिलनाडु में विभिन्न स्थानों पर बैठकों का आयोजन करना शुरू किया।
इन बैठकों का उद्देश्य भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने के लिए शहादत देने के लि युवाओं को तैयार करना और कट्टरवाद फैलाना था। दाऊद और रिफास जेलों में बंद अपने सदस्यों को छुड़ाने के लिए अवैध हथियारों की खरीदारी का भी प्रयास कर रहे थे।
सोशल मीडिया से फैला रहे थे जहर
एनआईए जांच में सामने आया कि आरोपियों ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर समूह बनाए हुए हैं। खासतौर पर ये अपना नेटवर्क व्हाट्सएप के जरिये चला रहे थे। इन सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर ये हिंसक जिहाद की वकालत करने वाले तथ्यों का प्रसार करत थे। साथ ही श्रीलंकाई आईएसआईएस नेता जहरान हाशिम की वीडियो और भाषणें का इस्तेमाल भी ये लोग युवाओं को भड़काने के लिए कहा रहे थे।