राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने झारखंड तेतरियाखंड कोयला खदान आतंकी हमला मामले में खूंखार गैंगस्टर अमन साहू के छोटे भाई के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। शनिवार को एक बयान में जांच एजेंसी ने यह जानकारी साझा की है। मामले में एनआईए ने कहा कि यह हमला दिसंबर 2020 में सुजीत सिन्हा और अमन साहू आतंकी गिरोह के सदस्यों की तरफ से झारखंड के लातेहार में जबरन वसूली और कोयला खदान में व्यवधान पैदा करने के उद्देश्य से रची गई आपराधिक साजिश के तहत किया गया था। जांच एजेंसी की तरफ से जारी बयान के अनुसार, झारखंड के रांची जिले के आकाश कुमार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की कई धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है।
मामले में अब तक 26 आरोपियों पर पांच आरोप पत्र दायर
इसके साथ ही एनआईए ने मामले में अब तक 26 आरोपियों के खिलाफ पांच आरोप पत्र दायर किए हैं। मार्च 2021 में जांच का जिम्मा संभालने वाली एनआईए ने जांच के दौरान पाया कि झारखंड भर में कई आपराधिक मामलों में संलिप्तता के कारण वर्तमान में जेल में बंद आकाश साहू सीधे तौर पर खदान हमले की साजिश में शामिल था। उसने कहा कि वह आतंकी गिरोह के लिए आतंकी फंड को पनाह देने, उसे चैनलाइज करने और निवेश करने तथा बुनियादी ढांचा तैयार करने में लगा हुआ था। आकाश साहू आतंकी गिरोह का वित्तीय नोड था और कई चैनलों के जरिए लेवी और जबरन वसूली करता था। वित्तीय परतों का उपयोग करते हुए, वह कई फर्जी फर्मों और अन्य वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से उगाही गई धनराशि को सफेद कर रहा था।
कई अपराधों में शामिल रहा है अमन साहू गिरोह
जांच एजेंसी ने अपने बयान में कहा गया है कि वह अमन साहू और उसके सहयोगियों की कई संपत्तियों में भी धन का निवेश कर रहा था। इसमें आगे कहा गया है कि अमन साहू गिरोह झारखंड में कई जघन्य अपराधों में शामिल रहा है, जिसमें बम विस्फोट, गोलीबारी, आगजनी, साथ ही पुलिस अधिकारियों और जेल अधिकारियों पर गोलीबारी शामिल है। एनआईए जांच के अनुसार, यह गिरोह सरकारी काम और कानून व्यवस्था को बाधित करने के अलावा व्यापारियों और ठेकेदारों को जबरन वसूली/लेवी वसूलने के लिए आतंकित करने में भी शामिल रहा है। एनआईए ने कहा कि गिरोह ने अपने हिंसक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए राज्य के बाहर नक्सली संगठनों और अन्य आतंकी गिरोहों के साथ संबंध भी बनाए हैं।