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Bengal: सड़क जाम और न्यायिक अधिकारियों को रोकने के मामले में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, 31 लोगों के खिलाफ आरोप तय

Tue, 02 Jun 2026 07:25 PM IST
Rahul Kumar डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
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NIA - फोटो : PTI
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पश्चिम बंगाल के मालदा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित सड़क जाम और न्यायिक अधिकारियों की अवैध हिरासत के चार अलग-अलग मामलों में एनआईए द्वारा दायर आरोप पत्रों में कुल 31 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं। अप्रैल में हुए राज्य विधानसभा चुनावों से पहले क्षेत्र में हुई घटनाओं के संबंध में विभिन्न डिजिटल/तकनीकी, दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों के साथ-साथ कई गवाहों की जांच के आधार पर ये आरोप पत्र कोलकाता (पश्चिम बंगाल) स्थित एनआईए विशेष न्यायालय में दायर किए गए हैं।

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आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 और पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था रखरखाव (डब्ल्यूबीएमपीओ) अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। आरोप पत्रों में प्रत्येक आरोपी की विशिष्ट भूमिकाओं का विस्तृत वर्णन किया गया है, जो मालदा जिले के विभिन्न स्थानों पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में लगे न्यायिक अधिकारियों के सड़क अवरोधन और अवैध हिरासत/प्रतिबंध में उनकी संलिप्तता को स्पष्ट रूप से स्थापित करते हैं।

सर्वोच्च न्यायालय के स्वतः संज्ञान और निर्देश के बाद मामलों की जांच अपने हाथ में लेने वाली एनआईए ने पाया कि आरोपियों ने समन्वित तरीके से गैरकानूनी सभाओं में भाग लिया। सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध किया। सरकारी अधिकारियों की आवाजाही में बाधा डाली। इसके साथ ही आरोपियों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण में लगे न्यायिक अधिकारियों को गलत तरीके से प्रतिबंधित किया। उनके कार्यों ने वैधानिक चुनावी प्रक्रिया के संचालन और लोक सेवकों द्वारा आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा उत्पन्न की। एनआईए ने यह बात साबित की है कि आरोपियों ने अपनी गैरकानूनी गतिविधियों से क्षेत्र में कानून और व्यवस्था को भी बाधित किया।
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जांच एजेंसी, इस साजिश में शामिल अन्य फरार आरोपियों और संदिग्धों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन पर मुकदमा चलाने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है। फरार आरोपी, उन गैरकानूनी कार्यों में भी शामिल हैं, जिन्होंने संवैधानिक और वैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया और सार्वजनिक जीवन को बाधित किया।

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