एनआईए ने केरल के मलप्पुरम में 89,600 विस्फोटक छड़ें और 10,500 शॉक ट्यूब की अवैध बरामदगी के मामले में मुख्य आरोपी हारिस टीए को गिरफ्तार किया है। मंजेरी से हुई इस गिरफ्तारी के बाद मामले में आरोपियों की संख्या 10 हो गई है। एनआईए ने तीन राज्यों में 19 जगह छापेमारी कर साजिश से जुड़े सबूत जुटाए हैं।
केरल के मलप्पुरम में गैर-कानूनी विस्फोटक पदार्थों की एक बड़ी खेप बरामद होने के मामले में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक मुख्य आरोपी, हारिस टीए को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या दस हो गई है। हारिस को शनिवार को मलप्पुरम जिले के मंजेरी से गिरफ्तार किया गया। मुख्य साजिशकर्ता माने जाने वाले इस आरोपी की भूमिका इस मामले में जब्त किए गए विस्फोटक को गैर-कानूनी तरीके से हासिल करने में थी।
वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं थी
यह मामला (RC-01/2026/NIA/KOC) 7 फरवरी, 2026 को मलप्पुरम में चेम्माड-थलाप्पारा रोड पर स्थित 'फरहा होलो ब्रिक्स कंपनी' के परिसर में खड़ी एक लॉरी से 89,600 विस्फोटक छड़ें और 10,500 शॉक ट्यूब जब्त किए जाने से जुड़ा है। केरल पुलिस ने KL 10 BF 8395 रजिस्ट्रेशन नंबर वाली इस लॉरी को रोका और इस खेप के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास विस्फोटक ले जाने या रखने के लिए कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं थी।
तीन राज्यों में 19 जगहों पर एनआईए की छापेमारी
एनआईए ने इस मामले को फिर से दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली। जांच के दौरान, एजेंसी ने तीन राज्यों में 19 जगहों पर छापेमारी की। इसमें जांच एजेंसी को कई ठोस सबूत मिले। साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान संभव हुई। हारिस की यह गिरफ्तारी, एनआईए द्वारा सात अगस्त को कर्नाटक के विजयपुरा से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद हुई है। इस मामले में अब तक कुल दस लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बड़ी साजिश और विस्फोटकों को गैर-कानूनी तरीके से हासिल करने और उनकी ढुलाई की जांच अभी जारी है।