जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के दूसरे हिस्सों में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के प्रयासों में जुटे पाकिस्तान को अब हर स्तर पर करारा जवाब मिलेगा। उसकी हर साजिश बेनकाब होगी। आतंकियों के साथ साथ नक्सलियों पर भी कड़ा प्रहार किया जाएगा। देश की दो बड़ी जांच एजेंसियां इस बाबत एक खास ऑपरेशन शुरू करने जा रही हैं।
एनआईए अपने कानूनी प्रावधानों के दायरे में वार करेगी, तो वहीं ईडी इन समूहों को मिलने वाली सभी तरह की आर्थिक मदद पर प्रहार करेगा। दोनों एजेंसियों ने मिलकर यह पता लगाया है कि आतंकियों को पाकिस्तान किस तरह से आर्थिक मदद पहुंचाता है। इसी तरह नक्सलियों को मिलने वाली तमाम वित्तीय मदद पर भी बहुत जल्द रोक लग जाएगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, गृहमंत्री अमित शाह इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट तौर पर यह बात कही है कि देश में आतंकवाद और नक्सली घटनाएं अब पूरी तरह खत्म होनी चाहिए। इसके लिए जिस किसी फोर्स को जो भी संसाधन चाहिए, वे उन्हें तुरंत मुहैया कराए जाएंगे।
अब जो भी ऑपरेशन शुरू होगा, उसमें कई एजेंसियां शामिल होंगी। एनआईए और ईडी, ये दोनों एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। आईबी और डीआरआई की एक स्पेशल विंग को भी इन एजेंसियों के साथ लगाया जा रहा है। पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगना किस तरह से भारत में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, इस बाबत एनआईए ने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है।
कश्मीर या दूसरे हिस्सों में आतंकियों को मिलने वाली हर मदद पर बारीकि से नजर रखी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए के साथ साथ ईडी भी अपनी जांच में यह पता लगा रही है कि आतंकियों को स्थानीय स्तर पर जो पैसा मिल रहा है, वह हवाला के किस चैनल के जरिए भारत में आ रहा है।
पाकिस्तान के अलावा दुबई और अरब देशों से आतंकियों को आर्थिक मदद देने वाले कई लोगों का पता लगाया गया है। इस दिशा में दोनों एजेंसियां अपने अपने तरीके से आगे बढ़ रही हैं। खासतौर पर कश्मीर में पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के इशारे पर काम करने वाले लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
जम्मू कश्मीर पुलिस के सहयोग से जांच एजेंसियों ने ऐसे कई लोगों का पता लगाया है, जो पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के इशारे पर आतंकवादियों को धन, छिपने का ठिकाना और ट्रांसपोर्ट का साधन मुहैया कराते हैं। इसी तर्ज पर नक्सलियों को आर्थिक मदद पहुंचाने वालों पर प्रहार किया जाएगा।
FATF की बैठक शुरू
पेरिस में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक शुरू हो गई है। इसमें भारतीय एजेंसियों का एक प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहा है। यह बैठक 16 फरवरी से लेकर 21 फरवरी तक चलेगी। कैबिनेट सचिवालय, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट, एनआईए, ईडी, आयकर विभाग और डीआरआई के कई अफसर इस बैठक में पाकिस्तान को बेनकाब करेंगे।
बैठक के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल कई ऐसे सबूत पेश करेगा, जिससे यह साबित हो जाएगा कि आतंकी घटनाओं में सीधे तौर पर पाकिस्तान का हाथ है।