देश में ट्रांसजेंडरों की दुर्दशा को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) बेहद नाराज है। आयोग ने इसे सुधारने के लिए उठाए कदमों की कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) दाखिल नहीं करने को लेकर गंभीर नाराजगी जताई है।
साथ ही इसके लिए सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करने की चेतावनी दी है। एनएचआरसी ने 16 जनवरी तक यह रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।एनएचआरसी ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के वकील व मानवाधिकार कार्यकर्ता राधाकांत त्रिपाठी की याचिका पर निर्णय में दिया।
त्रिपाठी का कहना है कि केंद्र, राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से दिखाई जाने वाली लापरवाही के कारण देश में ट्रांसजेंडर बेहद बदतर हालात में हैं और उन्हें सरकारी कल्याण योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें सुप्रीम कोर्ट की तरफ से ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिए गए नालसा निर्णय को भी लागू करने में विफल रही हैं।