राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर स्थित फॉक्सकॉन के प्लांट में विवाहित महिलाओं को नौकरी से बाहर करने और उनके साथ भेदभाव की रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है।
आयोग ने सोमवार को कहा कि यदि रिपोर्ट सही है, तो यह विवाहित महिलाओं के खिलाफ भेदभाव का गंभीर मुद्दा है और आयोग मामले में गंभीर कार्रवाई करेगा। साथ ही आयोग ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव व तमिलनाडु सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा है कि इस मामले में यह सुनिश्चित करना राज्य का दायित्व है कि सभी कंपनियां श्रम कानूनों और व्यक्तियों के स्वास्थ्य और सम्मान के अधिकार से संबंधित मानदंडों और विनियमों का पालन करें।
फॉक्सकॉन कंपनी के एक पूर्व मानव संसाधान प्रबंधक पर श्रीपेरंबुदूर आईफोन असेंबली प्लांट में विवाहित महिलाओं को नौकरी से निकालने और भर्ती के दौरान विवाहित महिलाओं को नियुक्त नहीं करने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि कंपनी सांस्कृतिक मुद्दों और सामाजिक दबाव के कारण विवाहित महिलाओं को काम पर नहीं रखती है। रिपोर्ट में एक विवाहित उम्मीदवार और कंपनी की नियुक्ति एजेंसी के बीच एक व्हाट्सएप चैट का भी हवाला दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि जब उम्मीदवार ने वेतन और चाइल्डकेअर सुविधा के बारे में पूछा, तो जवाब था शादीशुदा लोगों की नियुक्ति की अनुमति नहीं है।