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NHRC: तेलंगाना के DGP को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नोटिस, थाने में पिटाई से ऑटो रिक्शा चालक की मौत का आरोप

Thu, 05 Jun 2025 04:11 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

NHRC: हैदराबाद के राजेंद्रनगर थाने में कथित तौर पर पुलिस की पिटाई से 35 वर्षीय ऑटो चालक की मौत के मामले का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने तेलंगाना डीजीपी को नोटिस भेजकर दो हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि हैदराबाद के राजेंद्रनगर थाने में पुलिस ने एक 35 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक को कथित तौर पर शारीरिक यातना दी, जिसके बाद 13 मई 2025 उसकी मौत हो गई। एनएचआरसी ने इस मामले को लेकर तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है और  दो हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।

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क्या हुआ था पूरा मामला
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो रिक्शा चालक का अपनी पत्नी के साथ कुछ पारिवारिक विवाद चल रहा था। 13 मई 2025 को उसकी पत्नी उसे यह मामला सुलझाने के लिए थाने लेकर गई थी। पुलिस ने पहले दोनों को काउंसलिंग दी, लेकिन उसके बाद उस आदमी को एक कमरे में ले जाकर पुलिस कर्मियों ने कथित तौर पर रबड़ की बेल्टों से बुरी तरह पीटा। करीब एक घंटे बाद जब वह थाने से बाहर निकला तो उसे उल्टियां होने लगीं और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक ऑटो चालक की पहचान मोहम्मद इरफान के रूप में हुई। वह किस्मतपुर के दरगाह कलिच खान इलाके में रहता था। वह कर्नाटक के मैसूर का रहने वाला था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इरफान के तीन बच्चे हैं और वह कथित तौर पर एक शादीशुदा महिला से भी संपर्क में था, जिस कारण उसकी पत्नी निशाद बेगम से अक्सर झगड़े होते थे। 13 मई को निशाद बेगम और उसके परिवार वाले उस महिला के घर समझाने के लिए गए थे। वहां झगड़े के बाद इरफान और वह महिला दोनों को उनके परिवार वाले उसी रात थाने ले आए। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया और आगे कोई संपर्क न रखने की सलाह दी।
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पुलिस के मुताबिक, जब इरफान थाने से निकल रहा था, तभी वह अचानक गिर पड़ा और बेहोश हो गया। उसे तुरंत उस्मानिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इरफान के भाई मोहम्मद सादिक ने आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई की वजह से उनके भाई की मौत हुई। उन्होंने मीडिया को बताया कि जब इरफान की चीखें सुनाई दीं, तो वह थाने के अंदर जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सादिक ने कहा कि जब इरफान बाहर आया तो उसे उल्टियां हो रही थीं, उसने सीने में दर्द की शिकायत की और वहीं गिर पड़ा।

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मानवाधिकार आयोग ने माना कि यह मामला पीड़ित के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को दर्शाता है। आयोग ने इस पर तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी कर दो हफ्तों के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।

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