राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने राजकोट जिले के शापार गांव में रविवार को एक 40 वर्षीय दलित व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर देने की घटना पर कार्रवाई करते हुए गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है। कथित रूप से क्षेत्र में स्क्रैप चुनने की वजह से उस व्यक्ति की हत्या की गई।
पीड़ित की पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया है।
कमीशन ने कहा है कि समाचार रिपोर्टों में आई बातें यदि सही हैं तो यह पीड़ितों के मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है।
जिसके बाद एनएचआरसी ने गुजरात सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर चार हफ्तों के भीतर इस मामले में एक रिपोर्ट मांगी है। साथ ही प्रभावित परिवारों को राहत के लिए उठाए गए उपायों की भी जानकारी देने को कहा है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पीड़ित मुकेश वानिया गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के पारनाला गांव का मूल निवासी था। जिसमें उसकी पत्नी और एक परिचित व्यक्ति शापार क्षेत्र में एक कारखाने के आसपास कूड़ा बीन रहे थे।
वडगाम विधायक और दलित अधिकारों के लिए लड़नेवाले जिग्नेश मेवानी ने इस घटना का 28 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। जिसमें देखा जा रहा है कि उस शख्स को फैक्ट्री के गेट पर रस्सी से बांधकर बेरहमी से लोहे की रॉड से पीटा जा रहा है। बताया जा रहा है कि युवक की पिटाई करने वाले आरोपी फैक्ट्री के ही मजदूर और मालिक है।
पिटाई के बाद महिला को छोड़ दिया गया। जब वह कुछ लोगों के साथ वापस लौटी तो वानिया जमीन पर पड़ा हुआ था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।