हजारों प्रवासी पक्षियों की मौत हुई
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राजस्थान के सांभर झील में 18 हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षियों की मौत पर एनजीटी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए तलब की है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने मीडिया खबरों को देखने के बाद रिपोर्ट मांगी है।
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रशासन से तथ्यों और अब तक की कार्रवाई पर रिपोर्ट मांंगी है। एनजीटी ने नेशनल वेटलैंड अथॉरिटी, स्टेट वेटलैंड अथॅारिटी, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जयपुर जिला मजिस्ट्रेट से अगले साल 22 जनवरी से पहले यह रिपोर्ट मांगी है।
राजस्थान में देश की सबसे बड़ी पक्षी त्रासदी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक 11 दिनों में 18,059 विदेशी पक्षियों की मौत हो चुकी है। मगर पक्षियों की मौत का कारण अभी तक किसी को नहीं पता चला है। पक्षियों के नमूनों को जांच के लिए देश समेत चार राज्यों में भेजा गया है।
यह सभी शव जयपुर के पास 90 वर्ग किमी में फैली सांभर झील में मिले हैं। नमक के लिए मशहूर सांभर की यह झील खारे पानी की देश की सबसे बड़ी झील है। राजस्थान के पूर्व चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन आरएन मेहरोत्रा ने कहा कि देश में अभी तक कहीं भी इतनी बड़ी तादाद में विदेशी पक्षियों की मौत नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार मरने वाले पक्षियों का आंकड़ा 50 हजार तक पहुंच सकता है।