राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कहा कि दिल्ली के कचरा स्थलों (ढलाव) का ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के अनुरूप होना आवश्यक है। एनजीटी ने समिति को एक महीने में इस मुद्दे पर बैठक करने का निर्देश दिया है।
एनजीटी के अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने समिति में दिल्ली शहरी विकास के सचिव, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डीपीसीसी) और स्थानीय निकायों के अधिकारियों को शामिल किया है।
पीठ ने कहा, दिल्ली शहरी विकास के सचिव की अध्यक्षता में होगी। समन्वय और अनुपालन के लिए सीपीसीबी और डीपीसीसी नोडल एजेंसी होंगी। बैठक में होने वाले फैसले के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई की जाए। अगर जरूरत पड़ती है तो सीपीसीबी उपयुक्त मानक संचालन प्रक्रिया जारी कर सकती है।
एनजीटी दिल्ली निवासी अनुभव की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने करोल बाग के बापा नगर में कचरा नहीं हटाने की शिकायत की थी। याचिका में कहा गया था कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने जहां ढलाव का निर्माण किया है, वह जगह आवासीय इलाके के बीचोंबीच है और इससे स्थानीय लोगों को सांस संबंधी बीमारियां हो रही हैं। कचरे से कई जहरीली गैस निकलती हैं, जो न सिर्फ प्रकृति के लिए बल्कि इंसानों के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हैं।