राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सौ साल पुराने एक पीपल का पेड़ काटे जाने की शिकायत पर जिला वन अधिकारी (डीएफओ) यमुनानगर को गौर करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। याचिका में हरियाणा के कुरुक्षेत्र के एक मंदिर में सौ वर्ष से अधिक पुराने पीपल के एक पेड़ को काटने का आरोप लगाया गया है।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की पीठ ने कहा, मामले की गंभीरता को देखते हमारा मानना है कि प्रथम दृष्टया इस पर गौर किया जाना चाहिए। डीएफओ द्वारा इस मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। पीठ ने कहा, इस मामले में आदेश की एक कॉपी याची और डीएफओ को ई-मेल के जरिए भेजी जाए।
अधिकरण हरियाणा के निवासी सुभाष चंद की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिन्होंने कुरुक्षेत्र के शाहबाद मार्कंड तहसील के यारा गांव में वेद व्यास कुंड खेड़ा मंदिर में सौ वर्ष से भी अधिक पुराने पीपल के पेड़ को काटने के खिलाफ याचिका दी थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह ट्रस्ट के प्रमुख चुने गए हैं। कानून का उल्लंघन करते हुए पेड़ काटे जाने का पता चलने पर उन्होंने ट्रस्ट के प्रबंधन से पूछताछ की लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।