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एनजीटी ने दिया गंगा नदी को प्रदूषित करने वाली पांच चमड़ा फैक्ट्रियों को बंद करने का आदेश  

Thu, 13 Sep 2018 04:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश में कानपुर के जाजमऊ में मौजूद पांच चमड़ा (टैनरीज) औद्योगिक ईकाइयों को बंद करने का आदेश दिया है। इनमें मिनार इंडस्ट्रीज, काजी लेदर (हुदा-हाइड एजेंसी), एनआर टैनर्स, नुसरत टैनरी प्राइवेट लिमिटेड और न्यू यूनिवर्सल टैनरी शामिल है। पीठ ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की संयुक्त जांच रिपोर्ट के बाद कहा है कि गंगा नदी के कैचमेंट इलाके में भू-जल निकासी और पर्यावरणीय प्रवाह को प्रभावित करने की बिल्कुल इजाजत नहीं दी जा सकती।  
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जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है। इन पांच औद्योगिक ईकाइयों की ओर से संचालन की अनुमति के लिए यूपीपीसीबी के पास आवेदन किया गया था। हालांकि, इन्हें इजाजत नहीं दी थी। वहीं, एनजीटी ने भी अब इन्हें बंद करने का आदेश दिया है।  

सीजीडब्ल्यूए ने नहीं दी है एनओसी  

सीपीसीबी और यूपीपीसीबी ने अपनी संयुक्त जांच रिपोर्ट में कहा है कि इन संबंधित पांच चमड़ा औद्योगिक ईकाइयों के पास भू-जल निकासी के लिए केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं है। पीठ ने कहा कि यह संदेहास्पद भी है कि गंगा और उसकी सहायक नदियों के संकटग्रस्त कैचमेंट से भू-जल निकासी की इजाजत केंद्रीय -भू जल प्राधिकरण की ओर से औद्योगिक ईकाइयों को दी गई हो। 
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वह भी ऐसे तथ्य के साथ कि भू-जल निकासी से पर्यावरणीय प्रवाह प्रभावित होता है। संयुक्त जांच रिपोर्ट में तथ्य भी यही है कि इन औद्योगिक ईकाइयों को सीजीडब्ल्यूए की ओर से एनओसी नहीं दिया गया है। 

बिना एनओसी किसी को अनुमति नहीं

पीठ ने कहा कि बीते वर्ष ट्रिब्यूनल में गंगा नदी के प्रदूषण और सफाई को लेकर विस्तृत आदेश एसमी मेहता मामले में दिया गया था। इसके तहत सीजीडब्ल्यूए से बिना अनुमति लिए किसी औद्योगिक ईकाई को भू-जल निकासी की अनुमति नहीं दी जा सकती।
  
गंगा नदी को ध्यान में रखना चाहिए सीपीसीबी की रिपोर्ट  

पीठ ने सीपीसीबी की संयुक्त जांच रिपोर्ट में कमी निकालते हुए कहा है कि यह रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है। गंगा नदी को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए थी। आगे से इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। 

सरकार ने जल्द ही कहा था शिफ्ट करेंगे ईकाइयां  

यूपी सरकार ने कहा था कि जल्द ही कहा था वह ब्रिटिश काल की स्थापित टैनरियों को जाजमऊ से उन्नाव के बंथर में करेंगे। हालांकि, इस पर अभी तक अमल नहीं किया गया। वहीं, एनजीटी ने इसके लिए सरकार को कड़ी फटकार भी लगाई थी। 
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